Ujjain Shahi Masjid Case: उज्जैन शाही मस्जिद मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सड़क चौड़ीकरण पर रोक से इनकार
उज्जैन शाही मस्जिद मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने सड़क चौड़ीकरण का काम जारी रखने की अनुमति दी और मस्जिद के हिस्से को तोड़ने की अनुमति देने वाले आदेश पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया। इससे पहले सोमवार को मस्जिद का हिस्सा तोड़े जाने के दौरान जमकर हंगामा हुआ था, जिसमें पुलिस पर पथराव, लाठीचार्ज और आंसू गैस की कार्रवाई हुई।
हाईकोर्ट ने याचिका की खारिज
मामले में कोर्ट का फैसला:
उज्जैन के शाही मस्जिद मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने दायर याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सड़क चौड़ीकरण का काम जारी रहेगा। इसके साथ ही मस्जिद के एक हिस्से को तोड़ने की अनुमति देने वाले आदेश पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया गया है।
कोर्ट के इस फैसले के बाद सड़क चौड़ीकरण से जुड़ी कार्रवाई जारी रहने का रास्ता साफ हो गया है। शाही मस्जिद का एक हिस्सा सड़क के दायरे में आने की वजह से यह मामला सामने आया था।
सोमवार सुबह हुआ जमकर हंगामा
मस्जिद का हिस्सा तोड़ने के दौरान विवाद:
इससे पहले सोमवार सुबह शाही मस्जिद के एक हिस्से को तोड़े जाने के दौरान मौके पर जमकर हंगामा हुआ। कार्रवाई के दौरान भीड़ और पुलिस के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। भीड़ को हटाने की कार्रवाई के दौरान महिला थाना प्रभारी भी घायल हो गईं। घटना के बाद मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई और अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई।
दोपहर में फिर हुआ पथराव
फोर्स की तैनाती के बाद भी तनाव:
हंगामे के बाद पुलिस बल को मौके पर तैनात कर दिया गया था। इसके बावजूद दोपहर होते-होते एक बार फिर पथराव शुरू हो गया। इसके बाद पुलिस ने दोबारा लाठीचार्ज किया और आंसू गैस छोड़ी।
पथराव और पुलिस कार्रवाई के बीच सड़क चौड़ीकरण से जुड़ी कार्रवाई भी जारी रही। मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने भीड़ को हटाने की कोशिश की।
नमाज के समय रोकी गई कार्रवाई
नमाज के दौरान कार्रवाई पर विराम:
हंगामे के बीच सड़क चौड़ीकरण से जुड़ी कार्रवाई जारी रही, लेकिन नमाज के समय इसे रोक दिया गया। नमाज के समय कार्रवाई रोके जाने के बाद मौके की स्थिति शांत हुई।
इसके बाद मामला धीरे-धीरे शांत हो गया। हालांकि, इससे पहले पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा था।
15 लोगों को हिरासत में लिया
पुलिस की कार्रवाई:
घटना के बाद पुलिस ने 15 लोगों को हिरासत में लिया है। इसके अलावा 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। FIR में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी शामिल हैं।
इन लोगों पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया गया है। पुलिस की कार्रवाई हंगामे और पथराव की घटना के बाद की गई है।
सिंहस्थ प्रोजेक्ट के तहत सड़क चौड़ीकरण
डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र में काम:
उज्जैन में सिंहस्थ प्रोजेक्ट के तहत कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक करीब डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण किया जाना है। इस सड़क को 15 मीटर चौड़ा किया जाएगा।
सड़क चौड़ीकरण के लिए इस क्षेत्र में 323 मकान तोड़े जाने हैं। इन 323 मकानों में 15 धर्मस्थल भी शामिल हैं। अब तक 12 धर्मस्थलों को हटाया जा चुका है।
शाही मस्जिद का हिस्सा भी सड़क के दायरे में
मस्जिद के हिस्से को लेकर विवाद:
सड़क चौड़ीकरण के दायरे में शाही मस्जिद का भी एक हिस्सा आ रहा है। दिए गए विवरण के अनुसार मस्जिद का करीब 9 फीट लंबा और 4 फीट चौड़ा हिस्सा सड़क के दायरे में आ रहा है।
इसी हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान सोमवार को विवाद और हंगामे की स्थिति बनी। मामले में बाद में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, जिस पर इंदौर बेंच ने सुनवाई करते हुए याचिका खारिज कर दी।
मस्जिद की उम्र को लेकर अलग-अलग दावे
दस्तावेज और इमाम के दावे में अंतर:
शाही मस्जिद की उम्र को लेकर भी अलग-अलग बातें सामने आई हैं। दस्तावेज में मस्जिद के 100 साल से ज्यादा पुरानी होने की पुष्टि होती है।
वहीं, मस्जिद के इमाम का दावा है कि यह मस्जिद 600 साल से ज्यादा पुरानी है। इस तरह मस्जिद की पुरातनता को लेकर दस्तावेज में दर्ज जानकारी और इमाम के दावे में अंतर है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस पर पथराव
तनावपूर्ण रहा सोमवार का दिन:
सोमवार को मस्जिद के हिस्से को तोड़े जाने की कार्रवाई के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस पर पथराव किए जाने के बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस छोड़ी।
भीड़ को हटाने के दौरान महिला थाना प्रभारी के घायल होने की जानकारी भी सामने आई। इसके बाद मौके पर फोर्स तैनात की गई। हालांकि, दोपहर में फिर से पथराव होने के बाद पुलिस को दोबारा कार्रवाई करनी पड़ी।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद स्थिति
सड़क चौड़ीकरण पर रोक नहीं:
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने शाही मस्जिद मामले में दायर याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने सड़क चौड़ीकरण का काम जारी रखने की बात कही है।
इसके साथ ही मस्जिद के एक हिस्से को तोड़ने की अनुमति देने वाले आदेश पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया गया। ऐसे में दिए गए मामले के अनुसार सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई पर फिलहाल कोर्ट की ओर से रोक नहीं लगाई गई है।
323 मकानों में 15 धर्मस्थल
प्रोजेक्ट का दायरा:
सिंहस्थ प्रोजेक्ट के तहत कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र में सड़क को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना के तहत 323 मकानों को हटाया जाना है।
इनमें 15 धर्मस्थल शामिल हैं। जानकारी के अनुसार अब तक 12 धर्मस्थल हटाए जा चुके हैं। शाही मस्जिद का करीब 9 फीट लंबा और 4 फीट चौड़ा हिस्सा भी प्रस्तावित सड़क के दायरे में आ रहा है।
हंगामे के बाद पुलिस की कार्रवाई
हिरासत और FIR:
मस्जिद के हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान हुए पथराव के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
FIR में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी शामिल हैं। उन पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद मौके पर फोर्स की तैनाती की गई और स्थिति को नियंत्रित किया गया।
नमाज के बाद शांत हुआ मामला
कार्रवाई के बीच रुका काम:
पुलिस और भीड़ के बीच तनाव के बीच सड़क चौड़ीकरण से जुड़ी कार्रवाई जारी रही। हालांकि, नमाज के समय कार्रवाई रोक दी गई। इसके बाद मौके पर स्थिति शांत हो गई।
अब हाईकोर्ट की इंदौर बेंच द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद सड़क चौड़ीकरण के काम को जारी रखने की अनुमति बनी हुई है। कोर्ट ने मस्जिद के हिस्से को तोड़ने की अनुमति देने वाले आदेश पर भी रोक लगाने से इनकार किया है।