Saharanpur Electric City Buses: सहारनपुर में जल्द चलेंगी इलेक्ट्रिक सिटी बसें, 28 सितंबर को होगी अहम बैठक
Saharanpur Electric City Buses: करीब चार साल के इंतजार के बाद शुरू हुई प्रक्रिया, मानकमऊ में तैयार है चार्जिंग स्टेशन
सहारनपुर। करीब चार साल के लंबे इंतजार के बाद सहारनपुर में इलेक्ट्रिक सिटी बसों के संचालन की प्रक्रिया अब आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। नगरीय परिवहन निदेशालय की ओर से इस संबंध में परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र भेजा गया है। पत्र के माध्यम से सिटी बसों के संचालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। अब 28 सितंबर को अधिकारियों की वर्चुअल बैठक प्रस्तावित है, जिसमें बसों के संचालन से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी।
28 सितंबर की बैठक पर नजर
इलेक्ट्रिक सिटी बसों के संचालन को लेकर होने वाली 28 सितंबर की वर्चुअल बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में यह चर्चा की जाएगी कि बसों का संचालन कब से शुरू किया जाएगा, सहारनपुर को कितनी बसें मिलेंगी और संचालन से जुड़े अन्य विषयों पर क्या व्यवस्था रहेगी। बैठक के बाद आगे की प्रक्रिया और समयसीमा को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
18 शहरों में शुरू होनी है सेवा
दिए गए विवरण के अनुसार सहारनपुर अकेला शहर नहीं है जहां इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है। सहारनपुर समेत प्रदेश के कुल 18 शहरों में इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा शुरू की जानी है। इन शहरों के लिए कुल 1725 बसों को अनुबंधित किए जाने की योजना बताई गई है। हालांकि सहारनपुर को इनमें से कितनी बसें मिलेंगी, यह अभी तय नहीं हुआ है।
चार साल से चल रही थी कवायद
सहारनपुर में इलेक्ट्रिक सिटी बसों के संचालन की कवायद करीब चार साल से चल रही है। लंबे समय से बस सेवा शुरू होने का इंतजार किया जा रहा था। इस दौरान बसों के संचालन के लिए जरूरी बुनियादी व्यवस्था तैयार करने की दिशा में भी काम किया गया। अब शासन स्तर से प्रक्रिया शुरू होने के बाद इस योजना को लेकर फिर से उम्मीद जगी है।
मानकमऊ में दो साल से तैयार चार्जिंग स्टेशन
स्मार्ट सिटी योजना के तहत सहारनपुर के मानकमऊ में इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन करीब दो साल पहले ही बनाकर तैयार कर लिया गया था। इस चार्जिंग स्टेशन पर एक साथ करीब 25 बसों को चार्ज किया जा सकेगा। यानी इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए चार्जिंग से जुड़ी व्यवस्था पहले से तैयार बताई गई है।
25 बसों के खड़े होने की भी व्यवस्था
मानकमऊ स्थित चार्जिंग स्टेशन के परिसर में करीब 25 बसों को खड़ा करने के लिए जगह भी तैयार की गई है। इस तरह चार्जिंग स्टेशन के साथ बसों को खड़ा करने की व्यवस्था भी की गई है। इलेक्ट्रिक सिटी बसों के प्रस्तावित रूट पहले ही निर्धारित किए जा चुके हैं। लंबे समय से तैयार व्यवस्थाओं के बावजूद बसों के संचालन का इंतजार बना हुआ था।
ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर संचालन
सिटी बसों का संचालन ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट यानी सकल लागत अनुबंध के आधार पर किया जाएगा। इसके तहत बसों के संचालन की जिम्मेदारी निजी कंपनी को दिए जाने की व्यवस्था होगी। निजी कंपनी बसों के संचालन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालेगी और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार सेवा संचालित की जाएगी।
निजी कंपनी संभालेगी संचालन और रखरखाव
अनुबंध के तहत बसों को चलाने के साथ ड्राइवरों की व्यवस्था और बसों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी संबंधित निजी कंपनी की होगी। इसके बदले सरकार की ओर से कंपनी को एक तय राशि का भुगतान किया जाएगा। इस व्यवस्था के आधार पर सिटी बस सेवा का संचालन किए जाने की बात दी गई जानकारी में कही गई है।
प्रदेश में 1725 बसों की योजना
सहारनपुर के साथ प्रदेश के अन्य शहरों में भी इलेक्ट्रिक सिटी बसों का संचालन प्रस्तावित है। दिए गए विवरण के अनुसार इन सभी शहरों के लिए कुल 1725 बसें अनुबंधित की जाएंगी। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि प्रत्येक शहर को कितनी बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। सहारनपुर के लिए बसों की संख्या भी 28 सितंबर की बैठक के दौरान चर्चा का विषय हो सकती है।
इन शहरों में भी प्रस्तावित है संचालन
सहारनपुर के अलावा जिन शहरों का उल्लेख किया गया है, उनमें लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, मेरठ, प्रयागराज, वाराणसी, गाजियाबाद, मुरादाबाद, झांसी, बरेली, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, गोरखपुर, शाहजहांपुर, इटावा और नोएडा शामिल हैं। इन 18 शहरों के लिए कुल 1725 बसों को अनुबंधित किए जाने की जानकारी दी गई है।
सहारनपुर के लिए छह रूट निर्धारित
सहारनपुर में इलेक्ट्रिक सिटी बसों के संचालन के लिए कई रूट पहले से निर्धारित किए जा चुके हैं। इन प्रस्तावित रूटों के माध्यम से शहर को आसपास के अलग-अलग क्षेत्रों से जोड़ने की योजना है। रूटों में घंटाघर को मुख्य शुरुआती बिंदु बनाया गया है और अलग-अलग मार्गों से रामपुर मनिहारान, छुटमलपुर, यमुना ब्रिज, नकुड़, बेहट तथा मां शाकंभरी विश्वविद्यालय क्षेत्र को जोड़ा गया है।
पहला रूट घंटाघर से रामपुर मनिहारान
पहला प्रस्तावित रूट घंटाघर से वाया कोर्ट रोड है। इस रूट पर बसें घंटाघर से चलकर कोर्ट रोड, हसनपुर चुंगी और किशोरम कॉलोनी होते हुए रामपुर मनिहारान तक जाएंगी। इस रूट के जरिए शहर से रामपुर मनिहारान की ओर इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा उपलब्ध कराने की योजना है।
दूसरा रूट घंटाघर से छुटमलपुर
दूसरा प्रस्तावित रूट घंटाघर से वाया गागलहेड़ी है। इस मार्ग पर बसें घंटाघर से चलकर गागलहेड़ी होते हुए छुटमलपुर तक जाएंगी। रूट सूची में इसे सहारनपुर की प्रस्तावित इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा के प्रमुख मार्गों में शामिल किया गया है।
तीसरा रूट यमुना ब्रिज तक
तीसरे रूट में घंटाघर से वाया राजकीय मेडिकल कॉलेज बस चलाने का प्रस्ताव है। यह बस घंटाघर से राजकीय मेडिकल कॉलेज, सरसावा होते हुए यमुना ब्रिज तक जाएगी। इस रूट के माध्यम से इन क्षेत्रों को इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा से जोड़ने की योजना है।
चौथा रूट घंटाघर से नकुड़
चौथा प्रस्तावित रूट घंटाघर से वाया मानकमऊ है। इस मार्ग पर बस घंटाघर से चलकर मानकमऊ होते हुए नकुड़ तक जाएगी। खास बात यह है कि मानकमऊ में ही इलेक्ट्रिक बसों का चार्जिंग स्टेशन तैयार किया गया है।

पांचवां रूट घंटाघर से बेहट
पांचवें प्रस्तावित रूट में घंटाघर से वाया कलसिया बस चलाने की योजना है। यह बस घंटाघर से कलसिया होते हुए बेहट तक जाएगी। रूट सूची में बेहट को भी इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा से जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है।
छठा रूट मां शाकंभरी विश्वविद्यालय तक
छठा प्रस्तावित रूट घंटाघर से मां शाकंभरी विश्वविद्यालय, पुंवारका तक है। इस रूट पर इलेक्ट्रिक सिटी बस के संचालन का प्रस्ताव है, जिससे घंटाघर से मां शाकंभरी विश्वविद्यालय क्षेत्र तक बस सेवा उपलब्ध कराने की योजना है।
नगरीय परिवहन निदेशालय ने भेजा पत्र
दिए गए विवरण के अनुसार नगरीय परिवहन निदेशालय की ओर से संयुक्त निदेशक डॉ. अजीत सिंह ने सहारनपुर सहित 18 शहरों को पत्र भेजा है। सहारनपुर में यह पत्र परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक के नाम भेजा गया है। पत्र में बसों के संचालन को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक किए जाने की जानकारी दी गई है।
बैठक के बाद स्पष्ट होगी आगे की स्थिति
28 सितंबर को होने वाली वर्चुअल बैठक के बाद इलेक्ट्रिक सिटी बसों के संचालन की आगे की प्रक्रिया और समयसीमा को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है। बैठक में बसों की संख्या, संचालन शुरू करने की प्रक्रिया और अन्य संबंधित बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी।
चार साल का इंतजार खत्म होने की उम्मीद
सहारनपुर में इलेक्ट्रिक सिटी बसों की योजना लंबे समय से प्रस्तावित है। चार्जिंग स्टेशन तैयार होने और रूट निर्धारित किए जाने के बावजूद बस सेवा शुरू नहीं हो सकी थी। अब शासन स्तर से प्रक्रिया शुरू होने और 28 सितंबर को बैठक तय होने के बाद बसों के संचालन को लेकर उम्मीद बढ़ी है।
शहर के साथ आसपास के क्षेत्रों को भी जोड़ने की योजना
प्रस्तावित रूटों को देखें तो इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा के जरिए सहारनपुर शहर को रामपुर मनिहारान, छुटमलपुर, यमुना ब्रिज, नकुड़, बेहट और मां शाकंभरी विश्वविद्यालय क्षेत्र से जोड़ने की योजना है। हालांकि बसों का वास्तविक संचालन कब शुरू होगा और सहारनपुर को कितनी बसें मिलेंगी, यह 28 सितंबर की बैठक के बाद स्पष्ट होगा।