Loading time... IST
Breaking
Logo

Supreme Court CJI Surya Kant CJI सूर्यकांत ने राहुल गांधी से मुलाकात का अनुरोध ठुकराया, अब मार्च पर नजर

Site Administrator 12 Oct 2026, 12:26 AM 27 views 0 comments

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली: CJI सूर्यकांत ने राहुल गांधी और INDIA गठबंधन से मुलाकात का अनुरोध ठुकराया


Supreme Court CJI Surya Kant Rejects Meeting Request from Rahul Gandhi and INDIA Alliance Leaders


नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के नेताओं से मुलाकात के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 11 अक्टूबर 2026 को ईमेल के माध्यम से विपक्षी नेताओं को इस फैसले की जानकारी दी गई। विपक्षी नेता 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालकर CJI को ज्ञापन सौंपने की योजना बना रहे थे। इस ज्ञापन में कथित वोट चोरी रोकने, SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग शामिल थी।

CJI ने ईमेल के जरिए दी जानकारी

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय से जुड़े लोगों ने बताया कि जस्टिस सूर्यकांत ने 11 अक्टूबर 2026 को ईमेल के माध्यम से विपक्षी नेताओं को मुलाकात के अनुरोध पर लिए गए फैसले की जानकारी दी। इस ईमेल में अनुरोध अस्वीकार किए जाने की वजह भी बताई गई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में ईमेल की विस्तृत सामग्री और उसमें दिए गए कारणों का पूरा विवरण सामने नहीं आया है।

12 अक्टूबर को मार्च निकालने की घोषणा

राहुल गांधी ने घोषणा की थी कि विपक्षी नेता सोमवार, 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालेंगे। इस मार्च के दौरान विपक्षी नेताओं की योजना मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपने की थी। इसके जरिए वे चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों और मांगों को सामने रखना चाहते थे। हालांकि, CJI की ओर से मुलाकात का अनुरोध अस्वीकार किए जाने के बाद भी विपक्षी नेताओं ने मार्च के दौरान अपनी मांगें उठाने की योजना जारी रखने की बात कही है।

ज्ञापन में शामिल थीं तीन प्रमुख मांगें

विपक्षी नेताओं के प्रस्तावित ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें शामिल थीं। इनमें कथित वोट चोरी को रोकना, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पर रोक लगाना और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग शामिल थी। विपक्ष इन मुद्दों को लेकर अपनी नाराजगी मुख्य न्यायाधीश के सामने रखना चाहता था।

Ad
Advertisement

वोट चोरी के आरोपों को लेकर विपक्ष की नाराजगी

कांग्रेस और उसके सहयोगी दल लंबे समय से चुनाव प्रक्रिया में कथित वोट चोरी और मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप लगाते रहे हैं। विपक्षी दलों ने इन मुद्दों को लेकर सवाल उठाए हैं और चुनाव प्रक्रिया से संबंधित अपनी चिंताओं को सार्वजनिक रूप से सामने रखा है। प्रस्तावित मार्च को भी इसी नाराजगी के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों को विपक्ष के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

SIR प्रक्रिया पर भी विपक्ष ने उठाए सवाल

SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। विपक्षी नेताओं ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे रोकने की मांग अपने प्रस्तावित ज्ञापन में शामिल की थी। उनका उद्देश्य इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाना और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी अपनी आपत्तियों को संबंधित स्तर पर पहुंचाना था। उपलब्ध जानकारी में SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट के किसी नए आदेश का उल्लेख नहीं है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग

विपक्षी नेताओं की ओर से प्रस्तावित ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी शामिल थी। यह मांग चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की व्यापक नाराजगी का हिस्सा है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में इस मांग से संबंधित किसी नए आदेश या अतिरिक्त आधिकारिक बयान की जानकारी नहीं दी गई है।

मुलाकात से इनकार के बाद भी मार्च की योजना

मुख्य न्यायाधीश की ओर से मुलाकात का अनुरोध अस्वीकार किए जाने के बावजूद विपक्षी नेता 12 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च के दौरान अपनी मांगें उठाने की योजना पर आगे बढ़ने वाले हैं। वे ज्ञापन के जरिए कथित वोट चोरी, SIR प्रक्रिया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे जैसे मुद्दों को सामने रखना चाहते हैं। हालांकि, ज्ञापन किस माध्यम से सौंपा जाएगा, इस बारे में उपलब्ध जानकारी में कोई विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।

चुनाव प्रक्रिया को लेकर जारी है राजनीतिक विवाद

कांग्रेस और INDIA गठबंधन के सहयोगी दल चुनाव प्रक्रिया तथा मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाते रहे हैं। प्रस्तावित मार्च के जरिए विपक्ष इन मुद्दों पर अपनी एकजुटता दिखाने और अपनी मांगों को सामने रखने की तैयारी में था। CJI से मुलाकात का अनुरोध अस्वीकार होने के बाद 12 अक्टूबर के मार्च को लेकर घटनाक्रम महत्वपूर्ण हो गया है।


Ad
Advertisement

Comments (0)

Be the first to share your thoughts on this article.

Leave a Reply

Certified Astrologers

Unlock Your Cosmic Destiny

Precise horoscope insights, career path guidance, and personalized spiritual solutions — instantly, from astrologers who know the sky.

Explore Your Reading
Trusted by 50,000+ seekers