Azam Khan Arrest: रामपुर जेल से बाहर आते ही ED ने किया गिरफ्तार, 15 गाड़ियों और CRPF जवानों के साथ पहुंची टीम
Azam Khan Arrest: ED Takes SP Leader Into Custody Outside Rampur Jail After 11 Months
Azam Khan Arrest: रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद ED ने किया गिरफ्तार, बोले- मुसलमान होने की सजा मिल रही
Azam Khan Arrest: 11 महीने बाद जेल से निकले आजम खान, लेकिन जेल के गेट पर ही ED ने लिया हिरासत में
रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की करीब 11 महीने बाद जेल से रिहाई हुई, लेकिन उनकी आजादी ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। रामपुर जेल से बाहर आते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस दौरान उनके बेटे अब्दुल्ला आजम भी उनके साथ मौजूद थे। ED के अधिकारियों ने जेल के बाहर आजम खान से पूछताछ की और फिर उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर अपने साथ ले गए।
इस पूरे घटनाक्रम ने आजम खान की रिहाई को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज कर दी है। जिस समय आजम खान जेल से बाहर आए, उसी समय ED की टीम वहां मौजूद थी और कार्रवाई की तैयारी कर चुकी थी।

15 गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंची ED की टीम
आजम खान को हिरासत में लेने के लिए ED की टीम बड़े काफिले के साथ रामपुर जेल पहुंची थी। जानकारी के मुताबिक, करीब 15 गाड़ियों के साथ ED के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए CRPF के जवानों को भी तैनात किया गया था।
बताया गया कि आजम खान की रिहाई से करीब 15 मिनट पहले ED की एक टीम जेल के अंदर दाखिल हुई थी। इसके अलावा CRPF के 24 जवान भी तैनात थे। जेल के अंदर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
जेल के बाहर ED अधिकारियों और आजम खान के बीच हुई बहस
जेल से बाहर आने के बाद ED के अधिकारियों ने आजम खान से पूछताछ शुरू की। इस दौरान अधिकारियों और आजम खान के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। दोनों पक्षों के बीच बहस भी देखने को मिली।
ED की टीम ने जेल के बाहर ही आजम खान से पूछताछ की। इसके बाद अधिकारी उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर अपने साथ ले गए। इस तरह 11 महीने बाद जेल से बाहर आने के कुछ ही समय बाद आजम खान को फिर हिरासत में जाना पड़ा।
जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप
प्रवर्तन निदेशालय जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण से जुड़े मामले में आजम खान के खिलाफ जांच कर रहा है। ED का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन और ठेकों से जुड़े पैसों का दुरुपयोग किया गया है।
एजेंसी करीब 416.14 करोड़ रुपये के खर्च में कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है। इसी मामले को लेकर ED की टीम ने आजम खान को अपनी कस्टडी में लिया है।
आजम खान बोले- मुसलमान होने की सजा मिल रही है
ED की कार्रवाई के बीच आजम खान का भावुक बयान भी सामने आया। उन्होंने कहा, "अब कहने को क्या है? यह मुसलमान होने की सजा है। गलती यह है कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई। यह हमारा गुनाह है।"
आजम खान ने अपने बयान में कार्रवाई को मुसलमान होने और यूनिवर्सिटी बनाने से जोड़कर अपनी नाराजगी जाहिर की। जेल के बाहर ED अधिकारियों के साथ बातचीत और बहस के दौरान उनका यह बयान चर्चा का विषय बन गया।
बेटे अब्दुल्ला आजम को मिली रिहाई, घर पहुंचे
आजम खान के साथ उनके बेटे अब्दुल्ला आजम भी करीब 11 महीने बाद रामपुर जेल से बाहर आए थे। हालांकि, जेल से बाहर आने के बाद दोनों की राह अलग हो गई।
ED की टीम ने आजम खान को हिरासत में लेकर अपने साथ रवाना कर दिया, जबकि अब्दुल्ला आजम रिहाई के बाद अपने घर चले गए। इस तरह पिता-पुत्र को एक साथ मिली रिहाई के कुछ ही समय बाद आजम खान को ED की कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी थी जमानत
आजम खान और अब्दुल्ला आजम को 29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली थी। हाईकोर्ट ने दो पैन कार्ड मामले में दोनों की 10 साल की सजा को सस्पेंड कर दिया था। इसके साथ ही दोनों को जमानत भी दे दी गई थी।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद करीब 11 महीने से जेल में बंद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की रिहाई का रास्ता साफ हुआ था। इसी आदेश के बाद दोनों रामपुर जेल से बाहर आए।
गाजियाबाद कोर्ट में पेश किए जाएंगे आजम खान
ED की टीम आजम खान को अपने साथ लेकर गई है। जानकारी के मुताबिक, एजेंसी उन्हें गाजियाबाद कोर्ट में पेश करेगी। जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन और ठेकों से जुड़े पैसों के कथित दुरुपयोग के मामले में ED की जांच जारी है।
अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी। आजम खान की जेल से रिहाई और उसके तुरंत बाद ED की कार्रवाई ने इस पूरे घटनाक्रम को चर्चा में ला दिया है।
रिहाई के कुछ मिनट बाद ही बदल गया घटनाक्रम
करीब 11 महीने बाद जेल से बाहर आए आजम खान के लिए रिहाई का दिन एक नए घटनाक्रम में बदल गया। एक ओर दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में ED ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
15 गाड़ियों का काफिला, CRPF जवानों की तैनाती, जेल के बाहर पूछताछ और आजम खान का भावुक बयान इस घटनाक्रम के प्रमुख पहलू रहे। अब सबकी नजर गाजियाबाद कोर्ट में होने वाली पेशी और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी है।

