Azamgarh Triple Murder: आजमगढ़ में दो पंडितों और पत्नी की गोली मारकर हत्या, आधार कार्ड मांगने पर हुआ विवाद
Azamgarh Triple Murder: Two Priests and Wife Shot Dead After Aadhaar Card Dispute
आजमगढ़ में ट्रिपल मर्डर से सनसनी
पूजा के दौरान हुआ विवाद
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मंगलवार शाम एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी समेत दो पंडितों की गोली मारकर हत्या कर दी। बताया गया है कि घटना पूजा-पाठ के दौरान हुई। पति के घर पहुंचने के बाद पूजा करा रहे पंडितों से बातचीत शुरू हुई और देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने अपनी लाइसेंसी राइफल से फायरिंग कर दी।
आधार कार्ड मांगने पर शुरू हुई बहस
दिए गए विवरण के मुताबिक, शंभूपुर गहजी गांव के रहने वाले अरविंद सिंह मंगलवार शाम करीब 6 बजे अपने घर पहुंचे। उस समय घर में उनकी पत्नी बबीता सिंह, मां समला देवी और उनके तीन बच्चे मौजूद थे। घर में पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था। पूजा करा रहे पंडितों से अरविंद ने सवाल किए और इसके बाद उनसे आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया।
पंडितों से बढ़ता गया विवाद
आधार कार्ड को लेकर अरविंद और पूजा करा रहे पंडितों के बीच बहस शुरू हो गई। मामला धीरे-धीरे बढ़ता गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घर में उस समय पटखौली गांव के पंडित महेंद्र पाठक और छितौना भटौली गांव के अखिलेश मिश्रा मौजूद थे। उनके साथ अखिलेश मिश्रा के पुत्र हिमांशु मिश्रा और एक अन्य पंडित भी पूजा के दौरान वहां मौजूद थे।
गुस्से में राइफल लेकर आया पति
विवाद बढ़ने के बाद अरविंद सिंह गुस्से में अपने कमरे की ओर गया। इसके बाद वह अपनी लाइसेंसी राइफल लेकर बाहर आया। आरोप है कि उसने राइफल से पंडितों और अपनी पत्नी पर फायरिंग कर दी। गोली लगने के बाद पत्नी बबीता सिंह और दोनों पंडितों की मौके पर ही मौत हो गई।
बीच-बचाव के दौरान पत्नी को भी गोली
घटना के दौरान अरविंद की पत्नी बबीता सिंह भी मौके पर मौजूद थीं। दिए गए मैटर के अनुसार, पंडितों और अरविंद के बीच हुए विवाद के दौरान पत्नी ने बीच-बचाव किया। इसी दौरान फायरिंग की गई और बबीता सिंह भी गोली की चपेट में आ गईं। इस वारदात में पत्नी समेत दो पंडितों की मौत हो गई।
तीनों की मौके पर मौत
फायरिंग की इस घटना में बबीता सिंह और दोनों पंडितों की मौके पर ही मौत हो गई। एक ही घर में हुई इस वारदात के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। पूजा-पाठ के दौरान शुरू हुआ विवाद कुछ ही समय में गोलीबारी और तीन लोगों की मौत की घटना में बदल गया।
घर में मौजूद थे बच्चे और परिवार के सदस्य
जब यह घटना हुई, उस समय घर में अरविंद की मां समला देवी भी मौजूद थीं। उनके अलावा अरविंद और बबीता के तीन बच्चे भी घर पर थे। इनमें पांच साल की बेटी परी, छह साल का बेटा लक्खा और सात माह की बेटी शामिल हैं। वारदात के बाद घर का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।
वारदात के बाद खुद को घर में किया बंद
तीनों लोगों की हत्या के बाद अरविंद सिंह ने खुद को अपने तीन बच्चों के साथ घर में बंद कर लिया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घर को घेर लिया गया। बताया गया है कि स्थिति को देखते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स को मौके पर बुलाया गया।
छह थानों की पुलिस मौके पर पहुंची
दिए गए विवरण के अनुसार, घटना की सूचना मिलने के बाद छह थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने के बाद गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। घटना के बाद पुलिस ने मौके की स्थिति को संभालने की कार्रवाई शुरू की। आरोपी के अपने बच्चों के साथ घर में बंद होने की सूचना के बाद पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
शंभूपुर गहजी गांव में हुई वारदात
यह पूरी घटना आजमगढ़ के अहिरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गहजी गांव की बताई गई है। इसी गांव में अरविंद सिंह का घर है। मंगलवार शाम करीब 6 बजे वह बाजार से अपने घर पहुंचे थे। उस समय घर में धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था और पंडित पूजा करा रहे थे।
घर पहुंचते ही पूजा को लेकर सवाल
अरविंद सिंह के घर पहुंचने के समय उनकी पत्नी बबीता सिंह पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान करा रही थीं। घर में पंडित मौजूद थे। अरविंद ने वहां मौजूद पंडितों से पूजा के बारे में सवाल किया। पंडितों ने उन्हें बताया कि घर में पूजा कराई जा रही है। इसके बाद अरविंद ने पंडितों से उनका आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया।
आधार कार्ड बना विवाद की वजह
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पंडितों से आधार कार्ड मांगने के बाद बातचीत ने विवाद का रूप ले लिया। अरविंद और पंडितों के बीच बहस होने लगी। विवाद के बढ़ने के बाद अरविंद गुस्से में कमरे से अपनी लाइसेंसी राइफल लेकर आया। इसके बाद फायरिंग हुई और पत्नी समेत दो पंडितों की जान चली गई।
पूजा कराने आए थे पंडित
इस घटना में जान गंवाने वालों में पटखौली गांव के पंडित महेंद्र पाठक, जिनकी उम्र 60 वर्ष बताई गई है, और छितौना भटौली गांव के अखिलेश मिश्रा, जिनकी उम्र 55 वर्ष बताई गई है, शामिल हैं। मैटर के अनुसार, दोनों पूजा कराने के लिए अरविंद सिंह के घर पहुंचे थे। उनके साथ अन्य लोग भी पूजा के दौरान मौजूद थे।
परिवार में पसरा सन्नाटा
एक ही घर में पत्नी समेत तीन लोगों की गोली लगने से मौत के बाद परिवार में सन्नाटा पसर गया। घर में मौजूद बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों के सामने हुई इस घटना ने पूरे माहौल को बदल दिया। वारदात के बाद अरविंद ने खुद को अपने तीन बच्चों के साथ घर में बंद कर लिया।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलने के बाद अहिरौला थाना क्षेत्र में पुलिस सक्रिय हुई। छह थानों की पुलिस फोर्स को मौके पर भेजा गया। पुलिस के पहुंचने के बाद पूरे घटनाक्रम को संभालने की कार्रवाई शुरू की गई। फिलहाल दिए गए मैटर में पुलिस की आगे की कार्रवाई या घटना के बाद आरोपी के संबंध में कोई अन्य जानकारी नहीं दी गई है।
आधार कार्ड से शुरू हुआ विवाद, तीन मौतों तक पहुंचा
आजमगढ़ की इस घटना में विवाद की शुरुआत पूजा के दौरान पंडितों से आधार कार्ड मांगने को लेकर हुई। बहस बढ़ने के बाद लाइसेंसी राइफल से फायरिंग की गई। इस फायरिंग में दो पंडितों और अरविंद की पत्नी बबीता सिंह की मौके पर मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी अपने तीन बच्चों के साथ घर में बंद हो गया और सूचना मिलने पर छह थानों की पुलिस मौके पर पहुंची।
घटना ने खड़े किए कई सवाल
मंगलवार शाम हुई इस वारदात में एक ही परिवार की महिला और पूजा कराने आए दो पंडितों की जान चली गई। दिए गए विवरण के मुताबिक, घर में धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था और इसी दौरान आधार कार्ड को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक हिंसक हो गया। लाइसेंसी राइफल से हुई फायरिंग के बाद तीन लोगों की मौत ने पूरे घटनाक्रम को गंभीर बना दिया।
आजमगढ़ में सामने आई सनसनीखेज वारदात
अहिरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गहजी गांव में हुई इस घटना के बाद पुलिस फोर्स मौके पर तैनात है। घर में आरोपी के अपने तीन बच्चों के साथ बंद होने की जानकारी के बाद छह थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। फिलहाल इस घटना में पत्नी बबीता सिंह और दो पंडितों की मौत की जानकारी सामने आई है। वारदात की शुरुआत पूजा के दौरान हुई बातचीत और आधार कार्ड मांगने के बाद हुए विवाद से बताई गई है।