Saharanpur Azad Protest: सांसद चंद्रशेखर आजाद को रोकने पर भड़का आक्रोश, कलेक्ट्रेट पर धरना और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
सहारनपुर। नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को एक पीड़ित परिवार से मिलने के लिए गोंडा जाते समय रोके जाने के विरोध में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने सहारनपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट गेट पर धरना-प्रदर्शन कर पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया। ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।

कलेक्ट्रेट गेट पर जुटे कार्यकर्ता
आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां कलेक्ट्रेट गेट पर धरना देकर उन्होंने सांसद चंद्रशेखर आजाद को रोके जाने का विरोध किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई को लेकर अपना आक्रोश जताया और पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग उठाई।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
धरना-प्रदर्शन के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन तैयार किया। यह ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया। इसमें सांसद चंद्रशेखर आजाद को रास्ते में रोके जाने और उनके साथ कथित तौर पर किए गए व्यवहार को लेकर सवाल उठाए गए। कार्यकर्ताओं ने मामले की जांच और कार्रवाई की मांग को प्रमुखता से रखा।
पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे सांसद
आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष सचिन खुंटाना ने बताया कि नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद एक पीड़ित परिवार से मिलने के लिए गोंडा जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में बाराबंकी पुलिस-प्रशासन की ओर से उन्हें रोकने का प्रयास किया गया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसी घटना को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
रोकने के दौरान अभद्र व्यवहार का आरोप
पार्टी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सांसद चंद्रशेखर आजाद को रोकने के दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि चंद्रशेखर आजाद एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं। ऐसे में उनके साथ इस तरह का व्यवहार उनके सम्मान और निर्धारित प्रोटोकॉल के विपरीत है।
निर्वाचित जनप्रतिनिधि के सम्मान का मुद्दा
धरना दे रहे कार्यकर्ताओं ने कहा कि किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि के साथ व्यवहार करते समय उसके पद के सम्मान और निर्धारित प्रोटोकॉल का ध्यान रखा जाना चाहिए। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सांसद को रोकने के मामले में इस बात का ध्यान नहीं रखा गया। इसी के विरोध में उन्होंने कलेक्ट्रेट गेट पर धरना देकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
सांसद को धमकी देने का भी आरोप
पार्टी की ओर से दिए गए ज्ञापन में कुछ असामाजिक तत्वों पर सांसद चंद्रशेखर आजाद को जान से मारने की धमकी देने और उन्हें निशाना बनाने जैसी घटना का प्रयास करने का आरोप भी लगाया गया। कार्यकर्ताओं ने इस आरोप को गंभीर बताते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
सुरक्षा को लेकर कार्रवाई की मांग
कार्यकर्ताओं का कहना है कि सांसद की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति या समूह की ओर से सांसद को जान से मारने की धमकी दी गई है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान इस मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया गया।
प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल
धरना-प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पूरे प्रकरण में प्रशासनिक स्तर पर भी सवाल उठाए। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि मामले में प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। कार्यकर्ताओं ने इस कथित लापरवाही की निष्पक्ष तरीके से जांच कराने की मांग की।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि जांच के माध्यम से पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आनी चाहिए। साथ ही यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की ओर से नियमों का उल्लंघन अथवा लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी ज्ञापन में रखी। उनका कहना था कि मामले की जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और जांच में जो भी जिम्मेदार पाया जाए, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पीड़ित परिवार की सुरक्षा का मुद्दा
आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सांसद को रोके जाने के विरोध के साथ-साथ उस पीड़ित परिवार की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया, जिससे मिलने के लिए चंद्रशेखर आजाद गोंडा जा रहे थे। ज्ञापन में परिवार की सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित करने की मांग की गई।
परिवार को सहायता उपलब्ध कराने की मांग
कार्यकर्ताओं ने कहा कि पीड़ित परिवार को किसी भी तरह की परेशानी या खतरे का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन को उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। इसके साथ ही परिवार को आवश्यक सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन के माध्यम से की गई।
एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग
ज्ञापन में पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी रखी गई। कार्यकर्ताओं ने परिवार की परिस्थितियों को देखते हुए सरकार से सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना था कि परिवार को सुरक्षा के साथ आर्थिक और अन्य आवश्यक सहयोग भी मिलना चाहिए।
एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की मांग
आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार से पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी की। यह मांग राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में शामिल की गई। कार्यकर्ताओं ने परिवार की सुरक्षा और सहायता को पूरे मामले का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित करने पर जोर
कार्यकर्ताओं ने कहा कि पीड़ित परिवार को सुरक्षा, आर्थिक सहायता और अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाना चाहिए। इसी के साथ उन्होंने सांसद चंद्रशेखर आजाद की सुरक्षा को लेकर भी आवश्यक कदम उठाए जाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान इन सभी मांगों को लेकर कार्यकर्ताओं ने अपना पक्ष रखा।
कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के बाद सौंपा ज्ञापन
कलेक्ट्रेट गेट पर धरना-प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सांसद चंद्रशेखर आजाद को रोके जाने की घटना के विरोध में आवाज उठाई। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इन कार्यकर्ताओं ने लिया प्रदर्शन में हिस्सा
कलेक्ट्रेट गेट पर हुए धरना-प्रदर्शन में आजाद समाज पार्टी के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें राजन गौतम, सौरभ सिंह, शौर्य आंबेडकर, सचिन देव, मेहर दास और मोहम्मद शाहिद खान सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे। सभी ने सांसद को रोके जाने की घटना पर विरोध जताते हुए कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में रखीं गईं प्रमुख मांगें
राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में सांसद चंद्रशेखर आजाद को रोके जाने के पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई। इसके अलावा कथित प्रशासनिक लापरवाही की उच्चस्तरीय जांच, दोषी पाए जाने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई, पीड़ित परिवार की सुरक्षा तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग रखी गई।
सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता की मांग
ज्ञापन में पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी शामिल रही। इसके साथ ही प्रदेश सरकार से परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि परिवार को सुरक्षा और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
सांसद की सुरक्षा पर भी जोर
प्रदर्शन के दौरान सांसद चंद्रशेखर आजाद की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि उनकी सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएं। साथ ही धमकी से जुड़े आरोपों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग भी की गई।
मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पूरे घटनाक्रम को लेकर अपना विरोध दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि जांच के बाद मामले की वास्तविक स्थिति सामने आनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।