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Saharanpur Fake Coins Factory: 20 रुपये के नकली सिक्के

Site Administrator 13 Sep 2026, 11:08 PM 7 views 0 comments
Saharanpur Fake Coins Factory: 20 रुपये के नकली सिक्के

Saharanpur Fake Coins Factory: 20 रुपये के नकली सिक्कों की फैक्टरी का खुलासा, शराब ठेकों-टोल पर 70 करोड़ से ज्यादा खपाने का दावा


सहारनपुर में 17 करोड़ रुपये से अधिक के जाली नोटों का मामला अभी चर्चा में ही था कि अब 20 रुपये के नकली सिक्कों के एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है। नगर कोतवाली पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने नकली सिक्कों के साथ पांच युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से करीब 1.28 लाख रुपये कीमत के नकली सिक्के, उन्हें बनाने वाली मशीन और अन्य उपकरण बरामद हुए हैं।


नकली सिक्कों का बड़ा नेटवर्क सामने आया

सहारनपुर में पुलिस की कार्रवाई के बाद नकली सिक्के बनाने और उन्हें बाजार में खपाने वाले नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से नकली सिक्कों के कारोबार से जुड़े हुए थे। उनका नेटवर्क दूसरे राज्यों तक फैला हुआ बताया गया है।

पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े उन लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, जो नकली सिक्कों की सप्लाई को आगे बढ़ा रहे थे। जांच का फोकस उन लोगों की पहचान पर भी है, जिन्होंने इन नकली सिक्कों को बाजार में चलाने का काम किया।


20 रुपये के नकली सिक्के बरामद

नगर कोतवाली पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने पांच युवकों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, इनके कब्जे से 20 रुपये के नकली सिक्के बरामद हुए हैं। बरामद सिक्कों की कुल कीमत करीब 1 लाख 28 हजार रुपये बताई गई है।

सिक्कों के साथ उन्हें बनाने के लिए इस्तेमाल की जा रही मशीन और अन्य उपकरण भी पुलिस ने बरामद किए हैं। इसके अलावा आरोपियों के पास से दो फोर व्हीलर वाहन भी मिलने की बात पुलिस ने कही है।


फैक्टरी लगाने की तैयारी में थे आरोपी

पुलिस के अनुसार, आरोपी सहारनपुर में नकली सिक्कों की मैन्युफैक्चरिंग फैक्टरी लगाने की तैयारी में थे। इसी दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया। यानी स्थानीय स्तर पर नकली सिक्कों का उत्पादन शुरू करने से पहले ही पुलिस ने कथित नेटवर्क को पकड़ लिया।

पुलिस की कार्रवाई के बाद अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों ने सहारनपुर और आसपास के क्षेत्र में कितने नकली सिक्के पहुंचाए थे और इस नेटवर्क से कितने लोग जुड़े हुए हैं।


एक दिन में 12 हजार सिक्के बनाने का दावा

पुलिस के मुताबिक, आरोपी एक दिन में करीब 12 हजार नकली सिक्के तैयार करते थे। इसके बाद इन सिक्कों को छोटे दुकानदारों और शराब के ठेकों पर चलाने की बात सामने आई है।

मामले में यह भी बताया गया है कि नकली सिक्कों को बाजार में अलग-अलग जगहों पर खपाया जाता था। पुलिस अब उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने इन नकली सिक्कों को आगे बाजार में चलाया।


शराब ठेकों और टोल पर खपाने की बात

पुलिस के सामने आई जानकारी के अनुसार, नकली सिक्कों को छोटे दुकानदारों के अलावा शराब के ठेकों और टोल जैसी जगहों पर भी चलाया जाता था। दिए गए मामले में यह दावा भी सामने आया है कि नेटवर्क ने अब तक 70 करोड़ रुपये से अधिक के नकली सिक्के खपाए हैं।

हालांकि, सहारनपुर पुलिस ने फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से नकली सिक्कों के निर्माण और नेटवर्क से जुड़ी जानकारी सामने आने की बात कही है। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।


पंजाब से शुरू हुआ नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, नकली सिक्कों का यह नेटवर्क पंजाब से संचालित होता आ रहा है। इसकी शुरुआत वर्ष 2001 में पंजाब के रहने वाले सर्राफा व्यापारी उपकार लूथरा ने की थी। धीरे-धीरे यह नेटवर्क बढ़ता गया और इसमें अन्य लोग भी शामिल होते गए।

पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क से जुड़े लोगों को पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके बावजूद कथित तौर पर उन्होंने अपना काम बंद नहीं किया और जेल में रहते हुए भी गैंग का नेटवर्क बढ़ाया।


तिहाड़ जेल में भी नेटवर्क बढ़ाने का दावा

एसएसपी अभिनंदन के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी इससे पहले दिल्ली पुलिस की कार्रवाई में पकड़े जा चुके हैं और तिहाड़ समेत दूसरी जेलों में रह चुके हैं। पुलिस का कहना है कि जेल में रहने के दौरान आरोपियों की दूसरे लोगों से मुलाकात हुई और उन्होंने अपने नेटवर्क को आगे बढ़ाया।

अब सहारनपुर में नकली सिक्कों की मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने की तैयारी के दौरान पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद इस नेटवर्क से जुड़े फरार आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।


एसएसपी अभिनंदन ने क्या बताया

सहारनपुर एसएसपी अभिनंदन ने बताया कि पुलिस के हाथ लगा गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर काम कर रहा था और लंबे समय से नकली सिक्के बनाने में शामिल था। उन्होंने बताया कि गिरोह का सरगना पंजाब का रहने वाला है और वर्ष 2001 से नकली सिक्के बनाने में शामिल बताया गया है।

एसएसपी के मुताबिक, आरोपियों के पास से करीब 1.28 लाख रुपये के नकली सिक्के, सिक्के बनाने की मशीनें और दूसरे उपकरण बरामद किए गए हैं। दो फोर व्हीलर वाहन भी पुलिस ने बरामद किए हैं।


फरार आरोपियों की तलाश तेज

पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े फरार लोगों की तलाश में जुटी है। पुलिस का प्रयास है कि पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जाएं और यह पता लगाया जाए कि नकली सिक्कों को बनाने से लेकर बाजार में चलाने तक कौन-कौन लोग इसमें शामिल थे।

जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सहारनपुर में इस नेटवर्क का दायरा कितना था और यहां नकली सिक्कों को खपाने में किन लोगों की भूमिका रही।


बाजार में चलाए गए सिक्कों की पहचान पर फोकस

पुलिस के सामने अब एक बड़ी चुनौती उन नकली सिक्कों की पहचान करना भी है, जो पहले से बाजार में चलाए जा चुके हो सकते हैं। एसएसपी ने बताया कि पुलिस इस बात का प्रयास कर रही है कि बाजार में चलाए गए नकली सिक्कों की पहचान किस तरह की जा सकती है।

इसके लिए जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से अभियान चलाने की भी बात कही गई है। पुलिस का उद्देश्य लोगों को नकली सिक्कों के संबंध में सतर्क करना और बाजार में उनकी पहचान को लेकर जागरूकता बढ़ाना है।


नकली नोट बनाने का मामला सामने नहीं आया

पुलिस ने साफ किया है कि गिरफ्तार आरोपियों से अभी तक नकली सिक्के बनाने से जुड़ी जानकारी सामने आई है। फिलहाल ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है कि इन आरोपियों ने नकली नोट भी बनाए हों।

यह बात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट से 17 करोड़ रुपये से अधिक के जाली नोटों का मामला सामने आने के बाद अब नकली सिक्कों के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। हालांकि दोनों मामलों को लेकर पुलिस की ओर से कोई सीधा संबंध नहीं बताया गया है।


17 करोड़ के जाली नोटों के बाद सिक्कों का मामला

सहारनपुर में पीएनबी करेंसी चेस्ट से जुड़े 17 करोड़ रुपये से अधिक के जाली नोटों की जांच अभी चल ही रही थी कि नकली सिक्कों की बरामदगी ने एक और बड़े मामले को सामने ला दिया। इस बार पुलिस की कार्रवाई 20 रुपये के नकली सिक्के बनाने वाले कथित अंतरराज्यीय गैंग के खिलाफ हुई है।

पुलिस की कार्रवाई में मशीन और उपकरण मिलने से यह भी सामने आया कि आरोपी केवल नकली सिक्कों को रखने या चलाने तक सीमित नहीं थे, बल्कि सहारनपुर में कथित तौर पर इनके निर्माण की तैयारी भी कर रहे थे।


अब नेटवर्क की अगली कड़ियों पर नजर

पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच अब नेटवर्क की अगली कड़ियों पर केंद्रित है। पुलिस उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जो नकली सिक्कों की सप्लाई और उन्हें बाजार में चलाने से जुड़े बताए जा रहे हैं।

फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया है। साथ ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। नकली सिक्कों की बरामदगी, मशीनों की जब्ती और कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क के खुलासे के बाद अब जांच से यह सामने आना बाकी है कि इस नेटवर्क की सहारनपुर में कितनी गहरी पहुंच थी।

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