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Navratri Vrat Diet Tips नवरात्रि व्रत में कहीं बिगड़ न जाए सेहत! जानें क्या खाएं और किन चीजों से बनाएं दूरी

Site Administrator 17 Oct 2026, 10:40 AM 51 views 0 comments

Navratri Vrat Diet Tips: नवरात्रि व्रत में सेहत का कैसे रखें ध्यान? जानें क्या खाएं और किन चीजों से बचें

Navratri Vrat Diet Tips: नवरात्रि व्रत में संतुलित खानपान अपनाकर रखें सेहत का ध्यान, फलाहार में शामिल करें ये पौष्टिक विकल्प

नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के साथ व्रत रखते हैं। इस दौरान खानपान की दिनचर्या में बदलाव हो जाता है। ऐसे में धार्मिक आस्था के साथ अपनी सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है। व्रत के दौरान सही खानपान अपनाकर शरीर को ऊर्जा देने और कमजोरी से बचने में मदद मिल सकती है। फल, दूध, नारियल पानी और संतुलित फलाहार को अपनी दिनचर्या में शामिल करना उपयोगी हो सकता है।

Navratri Vrat Diet Tips: व्रत में खानपान क्यों है जरूरी?

खानपान में बदलाव का सेहत पर पड़ता है असर

नवरात्रि का व्रत रखने वाले लोगों की खानपान संबंधी आदतों में बदलाव आता है। कुछ लोग दिनभर उपवास रखते हैं, जबकि कुछ लोग फलाहार का सेवन करते हैं। इस दौरान भोजन की मात्रा और प्रकार बदलने से शरीर को मिलने वाले पोषण पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए व्रत रखते समय अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

कई लोग व्रत को वजन कम करने का तरीका भी मानते हैं। हालांकि, व्रत के दौरान कुछ लोगों का वजन कम हो सकता है, जबकि कुछ लोगों का वजन बढ़ भी सकता है। इसका कारण खानपान में अपनाए जाने वाले विकल्प हो सकते हैं। यदि फलाहार में अधिक तली-भुनी और भारी चीजें शामिल की जाएं, तो सेहत संबंधी फायदे सीमित हो सकते हैं। इसलिए व्रत में संतुलित भोजन को प्राथमिकता देना बेहतर है।

व्रत में शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी

पानी की कमी से बचने के लिए लें पर्याप्त तरल पदार्थ

नवरात्रि के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। उपवास के दौरान शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पानी के साथ कुछ अन्य तरल पदार्थ भी आहार में शामिल किए जा सकते हैं। नारियल पानी, नींबू पानी, दूध और ताजे फलों का रस इसके विकल्प हो सकते हैं।

व्रत में केवल भोजन पर ही नहीं, बल्कि पानी की मात्रा पर भी ध्यान देना चाहिए। पर्याप्त तरल पदार्थ लेने से शरीर में पानी की कमी से बचने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही फल और सब्जियों का सेवन भी उपयोगी हो सकता है। हालांकि, किसी भी चीज का सेवन अपनी शारीरिक जरूरत और स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर करना चाहिए।

फलाहार में शामिल करें ताजे फल और सब्जियां

फल और सब्जियां देंगी जरूरी पोषण

व्रत के दौरान फलाहार को संतुलित बनाए रखने के लिए ताजे फलों और सब्जियों को शामिल किया जा सकता है। फल शरीर को ऊर्जा देने के साथ खानपान में विविधता लाते हैं। इसके अलावा सब्जियों का रस भी फलाहार का एक विकल्प हो सकता है।

रोजाना उचित मात्रा में फल और सब्जियां खाने से आहार को संतुलित रखने में मदद मिल सकती है। व्रत के दौरान केवल एक या दो प्रकार के खाद्य पदार्थों पर निर्भर रहने के बजाय उपलब्ध विकल्पों में विविधता रखना बेहतर है। इससे फलाहार में अलग-अलग खाद्य पदार्थों को शामिल करने का अवसर मिलता है।

कुट्टू और सिंघाड़े के आटे से बनाएं व्यंजन

पारंपरिक फलाहार को बनाएं बेहतर विकल्प

नवरात्रि के दौरान कुट्टू और सिंघाड़े के आटे का इस्तेमाल कई प्रकार के व्यंजन बनाने के लिए किया जाता है। इनसे रोटी, चीला और अन्य फलाहारी व्यंजन तैयार किए जा सकते हैं। व्रत के दौरान अपने खानपान में बदलाव करने वाले लोग इन विकल्पों को अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार शामिल कर सकते हैं।

हालांकि, व्यंजन तैयार करते समय उनमें इस्तेमाल होने वाले तेल और अन्य सामग्री की मात्रा पर भी ध्यान देना चाहिए। ज्यादा तेल में तले गए खाद्य पदार्थों का बार-बार सेवन करने के बजाय कम तेल में तैयार किए गए विकल्प चुनना बेहतर हो सकता है। इससे व्रत के दौरान खानपान में संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।

साबूदाने की खिचड़ी और इडली भी हो सकती है विकल्प

आलू और गाजर मिलाकर बढ़ाएं व्यंजन की विविधता

व्रत में साबूदाने का इस्तेमाल भी आम तौर पर किया जाता है। साबूदाने की खिचड़ी को फलाहार में शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा साबूदाने को पीसकर इडली जैसे व्यंजन भी तैयार किए जा सकते हैं। इनमें आलू और गाजर जैसी सब्जियां मिलाकर भोजन में विविधता लाई जा सकती है।

फलाहार में एक ही प्रकार का भोजन बार-बार खाने के बजाय अलग-अलग विकल्प अपनाना उपयोगी हो सकता है। हालांकि, व्यंजन बनाने के तरीके और उसमें इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री पर ध्यान देना जरूरी है। कम तेल में तैयार किए गए व्यंजन रोजमर्रा के खानपान में संतुलन बनाए रखने का एक विकल्प हो सकते हैं।

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नारियल की चटनी और दही के साथ अपनाएं बेहतर विकल्प

तली हुई चीजों के बजाय हल्के विकल्पों पर दें ध्यान

नवरात्रि में कई लोग आलू की चाट, कुट्टू की पकौड़ी और अन्य तले हुए खाद्य पदार्थ खाते हैं। स्वाद के कारण इनका सेवन अधिक हो सकता है, लेकिन व्रत के दौरान खानपान में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। ऐसे में तली हुई चीजों के विकल्प के रूप में उबले आलू और दही का सेवन किया जा सकता है।

इसके अलावा नारियल की चटनी और ताजे कटे हुए फलों को भी फलाहार में शामिल किया जा सकता है। इन विकल्पों से खानपान में विविधता आती है। पारंपरिक व्यंजनों को कम तेल में तैयार करने और भोजन की मात्रा पर ध्यान देने से व्रत के दौरान संतुलित आहार अपनाना आसान हो सकता है।

व्रत में तेल, चीनी और नमक का कम करें इस्तेमाल

ज्यादा तला-भुना भोजन खाने से बचें

व्रत के दौरान कुछ लोग सामान्य दिनों की तुलना में अधिक तली-भुनी चीजों का सेवन करने लगते हैं। कुट्टू की पकौड़ी, आलू की चाट और दूसरे तले हुए व्यंजन स्वादिष्ट लग सकते हैं, लेकिन इनका अधिक सेवन करने से खानपान असंतुलित हो सकता है।

इसलिए भोजन तैयार करते समय तेल, चीनी और नमक की मात्रा सीमित रखना बेहतर है। बहुत अधिक तली-भुनी और ज्यादा नमक या चीनी वाली चीजों से बचना चाहिए। यदि किसी खाद्य पदार्थ को खाने के बाद गैस या पेट संबंधी परेशानी होती है, तो उसका सेवन कम करना चाहिए। व्रत में भोजन का चुनाव करते समय स्वाद के साथ सेहत को भी प्राथमिकता देना जरूरी है।

पूरी तरह भूखे रहने के बजाय संतुलित उपवास अपनाएं

शरीर की जरूरत के अनुसार लें फलाहार

नवरात्रि के दौरान व्रत रखने का तरीका हर व्यक्ति की शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार अलग हो सकता है। कुछ लोग पूरे दिन भोजन नहीं करते, जबकि कुछ लोग फलाहार लेते हैं। सेहत को ध्यान में रखते हुए अपनी जरूरत के अनुसार संतुलित या आंशिक उपवास अपनाना बेहतर विकल्प हो सकता है।

केवल तली-भुनी चीजें खाकर व्रत करने या लंबे समय तक भूखे रहने से शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता। इससे कमजोरी, थकान और पेट से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए व्रत के दौरान खानपान में विविधता रखना और पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। यदि कमजोरी या चक्कर आने जैसी परेशानी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

आयुर्वेद के अनुसार भी सेहत का ध्यान रखना जरूरी

धार्मिक आस्था के साथ संतुलित खानपान अपनाएं

व्रत के दौरान खानपान को लेकर आयुर्वेद में भी शरीर की जरूरत और स्वास्थ्य के अनुरूप संतुलित या आंशिक उपवास अपनाने पर जोर दिया जाता है। व्रत का उद्देश्य केवल भोजन छोड़ना नहीं, बल्कि अपनी दिनचर्या और खानपान को संयमित रखना भी हो सकता है।

इसलिए नवरात्रि के दौरान अपनी शारीरिक क्षमता को ध्यान में रखकर फलाहार का चुनाव करना चाहिए। भोजन में पर्याप्त विविधता रखें और पानी की मात्रा पर ध्यान दें। मधुमेह या अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों और नियमित दवाएं लेने वालों को उपवास रखने से पहले चिकित्सक की सलाह लेना उचित है।

नवरात्रि व्रत में इन बातों का रखें विशेष ध्यान

सेहत और भक्ति के बीच बनाएं संतुलन

नवरात्रि के व्रत में फल, सब्जियों का रस, नींबू पानी, नारियल पानी और दूध जैसे विकल्पों को शामिल किया जा सकता है। कुट्टू या सिंघाड़े के आटे से बने व्यंजन, साबूदाने की खिचड़ी, उबले आलू, दही और ताजे फल भी फलाहार के विकल्प हैं। भोजन बनाते समय तेल, चीनी और नमक की मात्रा पर ध्यान देना चाहिए।

व्रत के दौरान शरीर की जरूरतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पर्याप्त पानी पीना, संतुलित फलाहार लेना और बहुत अधिक तली-भुनी चीजों से बचना उपयोगी हो सकता है। धार्मिक आस्था के साथ अपनी सेहत का ध्यान रखकर नवरात्रि के दौरान खानपान को संतुलित बनाए रखा जा सकता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पर आधारित है। किसी बीमारी या नियमित दवा के सेवन की स्थिति में उपवास रखने से पहले चिकित्सक की सलाह लें।

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