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National Security Strategy Conference 2026 – New Delhi: राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन 2026, अमित शाह ने आतंकवाद और घुसपैठ पर सख्त रुख

Site Administrator 25 Aug 2026, 12:05 AM 37 views 0 comments
National Security Strategy Conference 2026 – New Delhi: राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन 2026, अमित शाह ने आतंकवाद और घुसपैठ पर सख्त रुख

परिचय

उद्घाटन समारोह

नई दिल्ली में आयोजित नौवें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन-2026 (NSSC) का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया। सम्मेलन दो दिन तक चलने वाला है और देश की आंतरिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर मंथन होगा।

National Security Strategy Conference 2026

शहीद स्तंभ पर श्रद्धांजलि

समारोह की शुरुआत में अमित शाह ने शहीद स्तंभ पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन आईबी के वीर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा के लिये अपना प्राण न्योछावर किया।

प्रतिभागी और स्वरूप

हाइब्रिड मंच

सम्मेलन को हाइब्रिड माध्यम से आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से करीब 850 अधिकारी जुड़े। दिल्ली में गृह राज्य मंत्री, गृह सचिव, उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख उपस्थित रहे।

राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों का योगदान

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशकों, युवा पुलिस अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने अपने‑अपने राज्यों की राजधानियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा भाग लिया।

पहले दिन के प्रमुख चर्चा बिंदु

आतंकवाद एवं कट्टरपंथ

पहले दिन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर विषयों पर चर्चा हुई। मुख्य मुद्दों में आतंकवाद और कट्टरपंथ से मुकाबला, खुफिया सूचनाओं का बेहतर इस्तेमाल, नशीले पदार्थों पर नियंत्रण, अवैध प्रवासियों की पहचान एवं प्रत्यावर्तन, साइबर अपराध और पाकिस्तान की प्रॉक्सी वॉर शामिल थे।

‘प्रहार’ (PRAHAAR) योजना

अमित शाह ने गृह मंत्रालय की ‘प्रहार’ योजना को लागू करने पर जोर दिया, जिससे आतंकवाद से जुड़े मामलों में प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जा सके और फरार आरोपियों को भारत वापस लाकर तेज कानूनी कार्रवाई की जा सके।

‘ट्रायल इन एब्सेंशिया’

उन्होंने ‘ट्रायल इन एब्सेंशिया’ यानी आरोपी की गैरमौजूदगी में मुकदमे की प्रक्रिया से जुड़े कानूनी प्रावधानों के इस्तेमाल की भी आवश्यकता बताई।

UAPA मामलों में समन्वय

विस्तृत दृष्टिकोण

गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) से जुड़े मामलों की जांच में एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और व्यापक दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत पर बल दिया गया।

खुफिया सूचना का समयबद्ध उपयोग

खुफिया सूचनाओं का केवल संग्रह नहीं, बल्कि सही समय पर विश्लेषण और उपयोग भी आवश्यक है, यह बात दोहराई गई।

AI‑सहायता से खुफिया विश्लेषण

MAC प्लेटफ़ॉर्म का प्रयोग

बहु‑एजेंसी सेंटर (MAC) पर उपलब्ध जानकारी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से विश्लेषित करने की आवश्यकता पर चर्चा हुई। इसका उद्देश्य SOP तैयार करना और एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाना है।

अवैध घुसपैठ पर शून्य सहनशीलता

कड़ी नीति

अवैध प्रवास और घुसपैठ को रोकने के लिये ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने का निर्देश दिया गया। एजेंसियों को प्रभावी पहचान व कार्यवाही के लिये नई व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया गया।

दूसरे दिन के विषय

आगामी एजेंडा

दूसरे दिन के कार्यक्रम में सब‑एरियल सिस्टम से उत्पन्न सुरक्षा खतरे, ब्लू इकोनॉमी की सुरक्षा, सूचना युद्ध (Information Warfare) का राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रभाव और बायो‑सिक्योरिटी फ्रेमवर्क जैसे मुद्दे शामिल होंगे।

राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन का इतिहास

2021 से निरंतरता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों पर 2021 से हर वर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर के अधिकारियों के अनुभव और विशेषज्ञों की राय को एक मंच पर लाकर जटिल सुरक्षा चुनौतियों के समाधान पर काम करना है।

भविष्य की दिशा

सम्मेलन में वरिष्ठ और युवा दोनों स्तर के अधिकारियों व विशेषज्ञों की भागीदारी को महत्व दिया जाता है, ताकि बदलती सुरक्षा चुनौतियों के लिये नई रणनीतियां और प्रभावी कार्यप्रणालियां तैयार की जा सकें।

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