परिचय
किसान नेता दिग्विजय भाटी की शिकायत
किसान नेता दिग्विजय भाटी ने दैनिक भास्कर को बताया कि मेरठ में एसएसपी अविनाश पांडेय और एक इंस्पेक्टर ने उनके चैंबर में गालियां दीं, मारपीट की और बूट से वार किया। इस घटना से उनके शरीर में अंदरूनी चोटें और एक आँख में सूजन आई।
Meerut Farmer Leader Digvijay Bhatia Police Assault
घटना का विवरण
पुलिस की अत्याचार
भाटी के अनुसार, पुलिस ने उन्हें "चोली के पीछे क्या है" गाने पर नचा कर शारीरिक हिंसा की। मारपीट के बाद पाँच दिन बीतने के बावजूद FIR दर्ज नहीं हुई और कोई लिखित शिकायत भी नहीं ली गई। मेडिकल जांच भी नहीं करवाई गई।
पीड़ित की वर्तमान स्थिति
शारीरिक व मानसिक तनाव
भाटी ने कहा कि मारपीट के बाद से वह नहाया नहीं है और लगातार परेशान हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें अब तक लिखित शिकायत नहीं ली गई, न ही मेडिकल रिपोर्ट तैयार की गई।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
अतुल प्रधान की समर्थन
सपा विधायक अतुल प्रधान ने दिग्विजय भाटी को न्याय दिलाने के लिए कहा कि मामले में शामिल लोगों के खिलाफ वही सख्त कार्रवाई हो जो कानून तोड़ने वाले गूँडों पर की जाती है। उन्होंने कहा अगर कानून के अनुसार कार्रवाई नहीं हुई तो वे सपा कार्यकर्ताओं के साथ विरोध प्रदर्शन करेंगे।
भाटी की मांगें
SIT और पूर्व जज की निगरानी
भाटी ने घटना की सतत जांच (SIT) की मांग की और कहा कि जांच किसी पूर्व जज की निगरानी में होनी चाहिए, ताकि पुलिस विभाग के प्रभाव से बचा जा सके। उन्होंने DIG सहारनपुर को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया है।

पुलिस का कदम
DIG अभिषेक सिंह की जांच
डिजी अभिषेक सिंह ने शुक्रवार को पीड़ित पक्ष से बातचीत की और आगे पूछताछ और बयानों की प्रक्रिया जारी रखी। वह मामले को निष्पक्ष रूप से सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।
भाटी का अदालती दबाव
मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी
भाटी ने कहा कि अगर दो दिनों के भीतर उनका मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो वे अपनी पत्नी और बच्चों के साथ आंदोलन करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें एडीजी ऑफिस में दो घंटे इंतजार करने के बाद भी एडीजी से मुलाकात नहीं हो सकी।
कानूनी प्रक्रिया में बाधाएँ
पुलिस की अनदेखी
भाटी ने बताया कि पुलिस ने न तो लिखित शिकायत ली, न ही मेडिकल जांच करवाई, न ही FIR दर्ज की। इस कारण पिटाई के साक्ष्य धीरे-धीरे खत्म होते जा रहे हैं।
भविष्य की कार्रवाई
राजनीतिक और सामाजिक दबाव
अतुल प्रधान ने कहा कि अगर न्याय नहीं हुआ तो सपा कार्यकर्ताओं के साथ थानों पर भी प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने DIG सहारनपुर से फोन पर बात की और कार्रवाई का आश्वासन लिया।
निष्कर्ष
न्याय की मांग में दृढ़ता
दिग्विजय भाटी ने अपनी पीड़ित स्थिति को उजागर किया और न्याय की माँग की है। राजनीतिक समर्थन और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता इस मामले को सुलझाने में मुख्य भूमिका निभाएगी।