पश्चिम यूपी में कांवड़ यात्रा के अंतिम दिन दर्दनाक सड़क हादसे
Kanwar Yatra Road Accidents UP
मेरठ और आसपास के जिलों में कांवड़ यात्रा के अंतिम दिन मंगलवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में भीषण सड़क हादसों का सिलसिला देखने को मिला। सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर और मेरठ जिलों में हुए सात अलग-अलग हादसों में नौ कांवड़ियों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 60 से अधिक कांवड़िए गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
इन हादसों में जान गंवाने वालों में पांच साल का मासूम बच्चा, एक 17 वर्षीय किशोरी, दो किशोर, एक महिला और चार युवक शामिल हैं। हादसे के समय सभी श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य स्थलों की ओर लौट रहे थे। इन त्रासदियों ने कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सहारनपुर में बाइक और डाक कांवड़ ट्रक की भिड़ंत, मां-बेटे की मौत
सहारनपुर जिले के भगवानपुर-गागलहेड़ी कांवड़ मार्ग पर मंगलवार सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ। हरिद्वार से गंगाजल लेकर बाइक से लौट रहे कांवड़ियों को डाक कांवड़ के एक ट्रक ने अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में बाइक सवार सजना (42) और उनके 14 वर्षीय बेटे पीयूष की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक मां-बेटे मूल रूप से हरियाणा के यमुनानगर के रहने वाले थे। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद अन्य श्रद्धालुओं ने पुलिस को सूचना दी।
शामली में वाहन की टक्कर से सोनीपत के कांवड़िए की जान गई
शामली जिले में बनत गांव के पास मुजफ्फरनगर मार्ग पर मंगलवार सुबह एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवार कांवड़ियों को टक्कर मार दी। इस हादसे में सोनीपत (हरियाणा) निवासी कुणाल (20) की मौके पर ही मौत हो गई। कुणाल अपने साथियों के साथ पवित्र गंगाजल लेकर आगे बढ़ रहे थे। इस दुर्घटना में उनके साथी अक्षय भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वहीं, एक अन्य घटना में शामली के कांधला क्षेत्र के गांव किवाना निवासी संदीप मलिक (27) हरिद्वार गंगाजल लेने जा रहे थे। रास्ते में उत्तराखंड के मंगलौर क्षेत्र में बाइक की जोरदार टक्कर से उनकी भी दर्दनाक मौत हो गई।
मुजफ्फरनगर हाईवे पर डीसीएम और कंटेनर से भीषण टक्कर
मुजफ्फरनगर जिले में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर बरला गांव के निकट कांवड़ियों की एक डीसीएम से सीधी भिड़ंत हो गई। हादसे में हरियाणा के पीपली निवासी 17 वर्षीय शिवानी की जान चली गई। शिवानी के साथ यात्रा कर रहे उनके दादा और दादी भी इस हादसे में घायल हुए हैं।
दूसरी ओर, खतौली-पानीपत हाईवे पर सिखेड़ा थाना क्षेत्र के निराना गांव के पास एक तेज रफ्तार दूध के कंटेनर ने कांवड़ियों को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में 16 वर्षीय वेदांश की मौत हो गई, जबकि उनके पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में एक अन्य कांवड़िया भी बुरी तरह घायल हुआ है।
शामली में डाक कांवड़ के साथ दौड़ते 17 वर्षीय किशोर को आया हार्ट अटैक
शामली शहर के व्यस्त शिव चौक के पास एक हृदयविदारक घटना घटी। हरिद्वार से गंगाजल लेकर डाक कांवड़ के साथ दौड़ रहे 17 वर्षीय पवन उर्फ शुक्ला की अचानक तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
पानीपत के संभालका निवासी उनके साथियों रजत और कृष्ण ने बताया कि पवन दो दिन पहले करीब 20 साथियों के साथ हरिद्वार से डाक कांवड़ लेकर निकला था। सभी साथी बारी-बारी से दौड़ते हुए गंगाजल ला रहे थे। मंगलवार को शिव चौक के पास पवन ने दूसरे साथी को कांवड़ सौंपी और बाइक पर बैठने लगा, तभी वह अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। सीएचसी के डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद आशंका जताई है कि किशोर की मौत हार्ट अटैक से हुई है, हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ होगा।
मेरठ में आमने-सामने की भिड़ंत में 5 साल के मासूम समेत तीन की मौत
मेरठ के दौराला थाने के ठीक सामने बाइक और स्कूटी के बीच भीषण आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में दिल्ली निवासी स्कूटी सवार अभिनव कपूर (34) की मौत हो गई, जबकि उनका साथी घायल हो गया। इसी टक्कर में बाइक सवार हरिद्वार निवासी सचिन की भी जान चली गई और उसका साथी लक्ष्य घायल हो गया।
मेरठ में ही हुए एक अन्य हादसे में दिल्ली निवासी पांच वर्षीय मासूम रियांश की जान चली गई। मासूम के पिता राजेश हरिद्वार से कांवड़ लेकर दिल्ली लौट रहे थे, तभी यह दुर्घटना घटी। हादसे में राजेश भी घायल हो गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, पुलिस जांच में जुटी
कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चार जिलों में हुए इन सात सड़क हादसों ने यात्रा मार्गों पर यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। हादसों में कई परिवारों के चिराग बुझ गए। पुलिस और स्थानीय प्रशासन का कहना है कि सभी मामलों की जांच की जा रही है और घायलों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।