Ganga Expressway Caved In: उन्नाव में किलोमीटर 421 पर धंसी सड़क
उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में शामिल गंगा एक्सप्रेसवे पर निर्माण गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्नाव जिले के सोनिक क्षेत्र के पास मेरठ से प्रयागराज जाने वाली लेन का लगभग 10 मीटर हिस्सा अचानक नीचे धंस गया। यह घटना किलोमीटर संख्या 421 के पास दर्ज की गई है। सड़क के मुख्य हिस्से में अचानक हुए इस धंसाव की सूचना मिलते ही संबंधित निर्माण कंपनी की टेक्निकल टीम तत्काल मौके पर पहुंची और युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू किया गया।

मौके पर तत्काल शुरू हुआ मरम्मत कार्य
सड़क धंसने की जानकारी मिलते ही निर्माण एजेंसी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बैरिकेडिंग कर प्रभावित लेन की सुरक्षा सुनिश्चित की। फिलहाल प्राथमिकता क्षतिग्रस्त हिस्से को तेजी से दुरुस्त कर सड़क को यातायात के लिए पूर्णतः सुरक्षित बनाने की है। हालांकि, सड़क किस तकनीकी वजह से धंसी, इसे लेकर अभी तक निर्माण कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक व स्पष्ट तकनीकी बयान जारी नहीं किया गया है।
तकनीकी जांच के बाद ही साफ होगी धंसाव की असली वजह
एक्सप्रेसवे जैसे बड़े और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर सड़क धंसने की घटना ने निर्माण की मजबूती और गुणवत्ता को लेकर चर्चा छेड़ दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी बड़े सड़क प्रोजेक्ट में धंसाव के पीछे मिट्टी का सही तरीके से न बैठना (कंपैक्शन इश्यू), जल निकासी की उचित व्यवस्था न होना, भारी बारिश या अन्य संरचनात्मक व तकनीकी कारण हो सकते हैं। इस घटना की वास्तविक और अंतिम वजह विस्तृत तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी।
594 किमी लंबा प्रोजेक्ट और निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाला गंगा एक्सप्रेसवे करीब 594 किलोमीटर लंबा है और यह प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स में गिना जाता है। इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 29 अप्रैल को किया गया था। उद्घाटन के कुछ ही समय बाद सड़क के एक बड़े हिस्से में इस तरह का धंसाव सामने आने से निर्माण सामग्री, डिजाइन और इंजीनियरिंग मानकों पर सवाल उठने लगे हैं। ₹36,230 करोड़ की भारी-भरकम लागत से तैयार इस प्रोजेक्ट का बड़ा हिस्सा प्रमुख निर्माण कंपनियों द्वारा तैयार किया गया है।
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के बाद अब गंगा एक्सप्रेसवे पर असर
गौरतलब है कि इससे पहले नवनिर्मित कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भी सड़क धंसने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अब गंगा एक्सप्रेसवे पर भी ऐसा ही मामला सामने आने के बाद सियासी पारा भी चढ़ गया है। समाजवादी पार्टी के सोशल मीडिया सेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट साझा करते हुए प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने आरोप लगाया कि गंगा एक्सप्रेसवे पर उन्नाव के साथ-साथ अमरोहा क्षेत्र में भी सड़क धंसने की शिकायतें आई हैं।
यातायात सुरक्षा और गुणवत्ता जांच की मांग
सड़क धंसने की घटना के बाद स्थानीय राहगीरों और वाहन चालकों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही को देखते हुए निर्माण कार्य की थर्ड-पार्टी गुणवत्ता जांच और पूरे स्ट्रेच के सघन निरीक्षण की मांग उठ रही है ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।