गागलहेड़ी में कांवड़ यात्रा मार्ग पर भीषण हादसा
Gagalheri Kanwar Yatra Accident
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के अंतर्गत आने वाले गागलहेड़ी कस्बे में सोमवार को कांवड़ यात्रा मार्ग पर एक दर्दनाक दुर्घटना सामने आई। महाराजा अग्रसेन चौराहे के पास कांवड़ यात्रा के स्वागत और शिवभक्तों की सुविधा के लिए विशेष स्वागत द्वार तैयार किया गया था। सोमवार शाम करीब चार बजे डाक कांवड़ियों की एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर इस स्वागत द्वार से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण और तेज थी कि विशालकाय स्वागत द्वार पलक झपकते ही भरभराकर सीधे नीचे सड़क पर आ गिरा।

हादसे के समय मौके पर मौजूद थे सैकड़ों शिवभक्त
जिस समय यह दुर्घटना हुई, उस वक्त महाराजा अग्रसेन चौराहे और आसपास के मार्ग पर बड़ी संख्या में कांवड़िये मौजूद थे। स्वागत द्वार गिरते ही मौके पर चीख-पुकार और अफ़रा-तफ़री का माहौल पैदा हो गया। गनीमत यह रही कि भारी-भरकम ढांचा गिरने के बावजूद कोई भी कांवड़िया इसकी सीधी चपेट में नहीं आया और सभी बाल-बाल बच गए। हालांकि, इस हादसे के बाद मौके पर तनाव और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
कांवड़ क्षतिग्रस्त होने से शिवभक्तों में बढ़ा आक्रोश
स्वागत द्वार के नीचे कई कांवड़ियों ने अपनी पवित्र कांवड़ रखी हुई थीं। स्वागत द्वार के ऊपर गिरने की वजह से इनमें से कई कांवड़ टूटकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। पवित्र कांवड़ के टूटने की खबर फैलते ही मौके पर मौजूद शिवभक्तों का गुस्सा भड़क गया। खासतौर पर बेरी तगा गांव निवासी शिवम और राहुल अपनी कांवड़ क्षतिग्रस्त होने से बेहद नाराज हो गए और उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण नजर आने लगा था।
सड़क पर लगा जाम, आवागमन हुआ प्रभावित
अचानक स्वागत द्वार गिरने और कांवड़ियों के भारी संख्या में सड़क पर एकत्र हो जाने के कारण कांवड़ यात्रा मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। देखते ही देखते सड़क पर जाम जैसी स्थिति पैदा हो गई और यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। इस दौरान नागल थाना क्षेत्र के भलस्वा गांव निवासी सचिन, अंकित, बोबी, संदीप और विक्की भी मौके पर मौजूद थे। हादसे के समय ट्रैक्टर-ट्रॉली के भीतर भी कई कांवड़िये सवार थे और उसमें रखी कुछ कांवड़ें भी इस टक्कर में टूट गई थीं।
करंट फैलने की आशंका से मंडराया बड़ा खतरा
इस हादसे में सबसे चिंताजनक बात यह रही कि स्वागत द्वार पर भव्य सजावट के लिए लाइटों की वायरिंग की गई थी और उसमें बिजली के नंगे तार मौजूद थे। स्वागत द्वार के गिरते ही तारों के खिंचने से पूरे ढांचे में बिजली का करंट उतरने की गंभीर आशंका पैदा हो गई थी। यदि करंट नीचे गिरे हुए लोहे या लकड़ी के ढांचे में फैल जाता, तो वहां मौजूद सैकड़ों कांवड़ियों के लिए यह घटना बेहद जानलेवा साबित हो सकती थी। हालांकि, ईश्वर की कृपा से समय रहते बिजली आपूर्ति बंद हो गई या तार संपर्क में नहीं आए, जिससे एक बड़ा भयानक हादसा होने से टल गया।
पुलिस का त्वरित एक्शन और स्थिति पर नियंत्रण
घटना की सूचना मिलते ही गागलहेड़ी थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए सबसे पहले आक्रोशित कांवड़ियों को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने बेरी तगा गांव के नाराज कांवड़ियों शिवम और राहुल को समझा-बुझाकर उनके गुस्से को शांत कराया। इसके बाद पुलिस टीम ने क्रेन और स्थानीय लोगों की मदद से सड़क पर गिरे स्वागत द्वार के ढांचे को हटवाया और मार्ग को पूरी तरह साफ कराया।
सीओ सदर विकास प्रताप चौहान का बयान
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा। सीओ सदर विकास प्रताप चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को तुरंत संभाल लिया था। पुलिस कर्मियों ने कांवड़ियों को पीने का शुद्ध जल उपलब्ध कराया और उनका हालचाल जाना। इसके बाद कांवड़ियों के जत्थे को दूसरी सुरक्षित दिशा से निकालते हुए यात्रा को आगे के लिए रवाना कर दिया गया। सीओ सदर ने स्पष्ट किया कि हादसे में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ है, स्थिति पूरी तरह से शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है, तथा यातायात व्यवस्था को सामान्य कर दिया गया है।