दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा: गोवंश को बचाने में टकराईं चार कारें
Delhi Dehradun Expressway Accident
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर आवारा पशुओं की लगातार मौजूदगी वाहन चालकों और यात्रियों के लिए एक बड़ा खतरा बनती जा रही है। बुधवार सुबह छुटमलपुर और बिहारीगढ़ के बीच शेरपुर-खानाजादपुर फ्लाईओवर के पास एक दर्दनाक हादसा होते-होते बचा। एक्सप्रेसवे पर अचानक एक गोवंश के आ जाने के कारण चार कारें आपस में टकरा गईं। हालांकि, हादसे में बड़ा नुकसान टल गया और किसी भी व्यक्ति को गंभीर चोट नहीं आई।

कैसे हुआ हादसा: अचानक ब्रेक लगाने से पीछे से भिड़ीं गाड़ियां
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना बुधवार सुबह करीब नौ बजे छुटमलपुर और बिहारीगढ़ के बीच शेरपुर-खानाजादपुर फ्लाईओवर के पास घटित हुई। दिल्ली की दिशा से देहरादून की ओर जा रही एक कार के सामने अचानक एक गोवंश आ गया। गोवंश को बचाने के लिए कार चालक ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। ब्रेक लगते ही पीछे से आ रहे अन्य वाहन चालकों को संभलने का पर्याप्त समय नहीं मिला और तेज रफ्तार के कारण एक के बाद एक तीन अन्य कारें आगे चल रही कार से टकरा गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
राहत और बचाव कार्य: टोल प्लाजा से पहुंची क्रेन और हाईड्रा मशीन
दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद हाईवे के कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए इमरजेंसी हेल्पलाइन पर घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही चमारीखेड़ा टोल प्लाजा से क्रेन और हाईड्रा मशीन को तुरंत मौके पर भेजा गया। मौके पर पहुंची टीमों ने दुर्घटनाग्रस्त चारों वाहनों को सड़क से हटाकर पार्किंग स्थल पर पहुंचाया, जिसके बाद एक्सप्रेसवे पर बाधित हुए यातायात को दोबारा व्यवस्थित और सुचारू किया जा सका।
एक्सप्रेसवे पर आवारा गोवंश का बढ़ता खतरा
स्थानीय लोगों और यात्रियों के अनुसार, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर पिछले कुछ समय से गोवंश के अचानक सड़क पर पहुंचने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, बीते 15 दिनों के दौरान केवल दो-दो दिनों के अंतराल में तीन बार एक्सप्रेसवे पर गोवंश के पहुंचने की सूचना मिली है। एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति काफी तेज होती है, ऐसे में अचानक पशुओं के आ जाने से गंभीर दुर्घटनाओं की आशंका हमेशा बनी रहती है।
एनएचएआई का बयान और 1033 हेल्पलाइन की अपील
एनएचएआई (NHAI) के सलाहकार रजनीश कुमार ने बताया कि उनकी टीम एक्सप्रेसवे का लगातार निरीक्षण और गश्त करती है। कई बार गोवंश प्रवेश और निकास (Entry/Exit) के रास्तों का इस्तेमाल कर एक्सप्रेसवे के मुख्य मार्ग पर पहुंच जाते हैं। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की है कि एक्सप्रेसवे पर कहीं भी आवारा पशु दिखाई देने पर तुरंत 1033 हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें, ताकि एनएचएआई की टीम मौके पर पहुंचकर गोवंश को सुरक्षित रूप से वहां से हटा सके।
गणेशपुर टोल प्लाजा पर पहले भी हो चुकी है घटना
एक्सप्रेसवे पर गोवंश की मौजूदगी से दुर्घटनाओं का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले गणेशपुर टोल प्लाजा के पास भी वाहनों की चपेट में आने से एक गोवंश की मौत हो चुकी है। इस घटना के बाद राष्ट्रीय गो रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोना पंडित ने जिलाधिकारी अरविंद चौहान को पत्र सौंपकर एक्सप्रेसवे पर गोवंश की सुरक्षा और समुचित प्रबंध की मांग की थी। जिलाधिकारी के कड़े निर्देशों के बाद खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) मुजफ्फराबाद और पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए करीब 15 गोवंश को सड़क से हटाकर गो आश्रय केंद्र भेजा था।
सावन के दौरान कांवड़ मार्ग पर भी आवारा गोवंश का डेरा
इसके अलावा, बड़गांव क्षेत्र से सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, सावन माह के दौरान कांवड़ यात्रा मार्ग पर भी रात के समय आवारा सांड और गायों के झुंड लगातार घूमते हुए नजर आ रहे हैं। बड़गांव-देवबंद-नजीबाबाद मार्ग का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कई गोवंश सड़क किनारे चलते हुए दिखाई दे रहे हैं। रात के समय तेज रफ्तार में आ रहे वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने पड़ रहे हैं, जिससे कांवड़ मार्ग पर भी हादसे का खतरा बना हुआ है।