डाट काली मंदिर फ्लाईओवर बंद: श्रद्धालुओं पर सीधा असर
Dat Kali Mandir Flyover Closed
छुटमलपुर और देहरादून क्षेत्र में दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ चल रहा पहाड़ी स्थिरीकरण का कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका है। इसका सीधा असर प्रसिद्ध सिद्धपीठ डाट काली मंदिर के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय यात्रियों पर पड़ रहा है। मंदिर की ओर जाने वाले फ्लाईओवर को एहतियातन बंद रखे जाने की वजह से लोगों को लगभग सात किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।

एलिवेटेड रोड खुला, लेकिन मंदिर का फ्लाईओवर अभी बंद
एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड रोड वाले हिस्से में पहाड़ियों को सुरक्षित और स्थिर बनाने का काम पिछले कई हफ्तों से चल रहा है। निर्माण एजेंसी ने मुख्य एलिवेटेड रोड को वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया है, लेकिन डाट काली मंदिर की तरफ जाने वाले फ्लाईओवर पर यातायात पूरी तरह बहाल नहीं किया गया है। ऐसे में मंदिर तक पहुंचने के लिए वाहनों और श्रद्धालुओं को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।
बारिश बनी काम में सबसे बड़ी चुनौती
एलिवेटेड रोड के आसपास की पहाड़ियों को मजबूत करने के लिए कटिंग और स्थिरीकरण का काम किया जा रहा है। लगातार हुई बारिश के चलते कई संवेदनशील स्थानों पर मिट्टी धंसने और पहाड़ी कटान से जुड़ी गतिविधियों में भारी बाधा आई। रिपोर्ट के अनुसार, एलिवेटेड रोड के करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्से में बरसात के दौरान मलबा सड़क पर आने का खतरा था, जिसे देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से यह कार्य शुरू कराया गया था। मौसम खराब होने की वजह से निर्धारित समयसीमा में काम पूरा नहीं हो सका।
फ्लाईओवर किनारे पहाड़ी कटिंग का काम अंतिम चरण में
डाट काली मंदिर जाने वाले फ्लाईओवर के किनारे भी एक पहाड़ी को काटने और उसे तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाने का काम चल रहा है। निर्माण एजेंसी के अनुसार, एलिवेटेड रोड से सटी सभी छह पहाड़ियों पर स्थिरीकरण का कार्य अब अंतिम चरण में है। पहाड़ियों को पूरी तरह मजबूत करने और सुरक्षा मानकों की जांच के बाद ही यातायात व्यवस्था सामान्य की जाएगी।
दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ी परेशानी
डाट काली मंदिर में रोजाना उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब समेत कई अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। फ्लाईओवर बंद होने से उन्हें वैकल्पिक और लंबे रास्ते से गुजरना पड़ रहा है, जिससे यात्रा में अतिरिक्त समय और ईंधन खर्च हो रहा है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की मांग है कि कार्य को जल्द पूरा कर फ्लाईओवर को खोला जाए ताकि दर्शनार्थियों को राहत मिले। वहीं अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा सर्वोपरि है और बिना जोखिम सुनिश्चित किए मार्ग नहीं खोला जा सकता।
कब तक शुरू होगा सामान्य यातायात?
फिलहाल निर्माण एजेंसी की ओर से फ्लाईओवर पर काम पूरा होने और यातायात दोबारा शुरू करने की कोई अंतिम तिथि तय नहीं की गई है। पहाड़ी कटिंग और स्थिरीकरण का काम पूरा होने के बाद सुरक्षा स्थिति का अंतिम आकलन किया जाएगा, जिसके बाद ही फ्लाईओवर को सामान्य यातायात के लिए खोला जाएगा।