Bijnor Leopard Attack: बिजनौर के खुशहालपुर मड़का में गुलदार का खूनी तांडव
बिजनौर / नजीबाबाद: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। नजीबाबाद-जलालाबाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खुशहालपुर मड़का उर्फ आरफपुर खजूरी गांव में बुधवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक आदमखोर गुलदार ने छह वर्षीय मासूम बच्चे पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम और दहशत का माहौल है। वहीं वन विभाग की कार्यशैली को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष देखा जा रहा है।

रिश्तेदार के घर जाते समय रास्ते से अचानक लापता हुआ बच्चा
रास्ते में झाड़ियों से आई आहट और गायब हुआ मासूम: प्राप्त जानकारी के अनुसार, खुशहालपुर मड़का उर्फ आरफपुर खजूरी निवासी भूदेव कश्यप का छह वर्षीय पुत्र नक्शा बुधवार शाम करीब सात बजे अपने आठ वर्षीय बड़े भाई चंद्रशेखर के साथ गांव में ही रहने वाले अपने फूफा के घर जा रहा था। दोनों भाई घर से लगभग 200 मीटर की दूरी पर पहुंचे ही थे कि यह अनहोनी घट गई। बताया गया कि वह रास्ता काफी सुनसान था और मार्ग के दोनों किनारों पर घनी झाड़ियां उगी हुई थीं।
चलते-चलते बड़ा भाई चंद्रशेखर अपने छोटे भाई नक्शा से थोड़ा आगे निकल गया। इसी दौरान झाड़ियों में अचानक तेज सरसराहट और आहट हुई। चंद्रशेखर ने जब पीछे मुड़कर देखा तो उसका छोटा भाई नक्शा वहां नहीं था। अचानक भाई के गायब हो जाने से आठ साल का चंद्रशेखर बुरी तरह घबरा गया और रोते-बिलखते दौड़कर अपने घर पहुंचा और परिजनों को पूरी बात बताई।
परिजनों में मचा कोहराम, रातभर चला सर्च ऑपरेशन
पुलिस और ग्रामीणों ने रात के अंधेरे में की तलाश: चंद्रशेखर की बात सुनकर परिजनों के होश उड़ गए। परिजनों को तुरंत आशंका हुई कि बच्चे को किसी जंगली जानवर ने अपना शिकार बना लिया है। इसके बाद नक्शा के पिता भूदेव कश्यप ग्रामीणों को साथ लेकर घटनास्थल पर पहुंचे, जहां दोनों भाई आखिरी बार साथ थे। टार्च की रोशनी में काफी देर तक खोजबीन की गई लेकिन बच्चे का कोई सुराग नहीं लगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई।
सूचना पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों की संयुक्त टीम ने रातभर आसपास के जंगलों और रास्तों पर बच्चे की तलाश में सघन अभियान चलाया। हालांकि, घना अंधेरा होने और रास्तों पर घनी झाड़ियां होने के कारण तलाशी अभियान में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सुबह गन्ने के खेत में मिले मासूम के क्षत-विक्षत अवशेष
खौफनाक मंजर देख कांप उठी ग्रामीणों की रूह: गुरुवार सुबह जब ग्रामीणों और पुलिस ने दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया, तो गांव से करीब 300 मीटर दूर स्थित एक गन्ने के खेत में दिल दहला देने वाला दृश्य देखने को मिला। गन्ने के खेत के भीतर मासूम नक्शा के शरीर के अवशेष पड़े मिले। गुलदार ने बच्चे के शरीर को बुरी तरह से नोंच डाला था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गुलदार मासूम के सिर और पेट से नीचे के हिस्से को खा चुका था, जबकि बच्चे के पैर का निचला हिस्सा पास में ही पड़ा हुआ मिला। मासूम के क्षत-विक्षत शव को देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
वन विभाग ने ड्रोन कैमरों से शुरू की निगरानी
हमलावर गुलदार को पकड़ने के लिए जुटी टीमें: घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और वन विभाग के उच्चाधिकारी भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौका-ए-वारदात का बारीकी से मुआयना किया और पीड़ित परिवार व ग्रामीणों से घटना की पूरी जानकारी ली।
डीएफओ (DFO) जय सिंह कुशवाहा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि हमलावर गुलदार को तलाशने और पकड़ने के लिए वन विभाग की विशेष टीमों को तैनात कर दिया गया है। क्षेत्र में दिनभर ड्रोन कैमरों की मदद से सघन निगरानी रखी गई, ताकि गुलदार की वास्तविक लोकेशन और गतिविधियों का पता लगाकर उसे जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।
ग्रामीणों में दहशत और रोष, पिंजरा लगाने की मांग
घरों में कैद होने को मजबूर हुए बच्चे: मासूम नक्शा की दर्दनाक मौत के बाद खुशहालपुर मड़का सहित आसपास के तमाम गांवों में भारी दहशत फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से गुलदार की आवाजाही देखी जा रही थी, जिससे लोग पहले से ही डरे हुए थे। अब इस खौफनाक वारदात के बाद ग्रामीण अपने बच्चों को घरों से बाहर अकेले भेजने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि इलाके में तुरंत पिंजरा लगाकर हमलावर गुलदार को पकड़ा जाए और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।