Arbeen Murder Case Saharanpur: गंगोह कोतवाली में हंगामा, पुलिस के लाठीचार्ज के बाद पहुंचीं सांसद इकरा हसन
सहारनपुर के गंगोह में अरबीन हत्याकांड पर बवाल, कोतवाली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भांजी लाठियां; इकरा हसन और नाहिद हसन पहुंचे
Saharanpur News: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के गंगोह क्षेत्र में अरबीन चौहान हत्याकांड को लेकर बुधवार को तनावपूर्ण स्थिति बन गई। पुलिस की कार्रवाई से नाराज मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने गंगोह कोतवाली का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठियां भांजी, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलने पर कैराना की सांसद इकरा हसन और विधायक नाहिद हसन सहित कई नेता भी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों की ओर से शेष आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
गंगोह में अरबीन हत्याकांड को लेकर बढ़ा आक्रोश
गंगोह कोतवाली क्षेत्र के गांव कल्लरहेड़ी में अरबीन चौहान की हत्या के मामले में परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों की नाराजगी बुधवार को खुलकर सामने आई। मृतक के परिवार के लोग मामले में पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे। इसी को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण कोतवाली पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और हत्या में नामजद शेष आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग उठाई।
क्या है अरबीन चौहान हत्याकांड का मामला?
कल्लरहेड़ी गांव में शनिवार देर रात एक टायर फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं को लेकर विवाद हुआ था। बताया गया कि इस विवाद ने कुछ ही समय में गंभीर रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। इस घटना में अरबीन चौहान की पिटाई के बाद मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले में 15 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। हत्याकांड के बाद से ही मृतक के परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी और उचित कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई से नाराज थे परिजन
मृतक के परिजनों का आरोप था कि मामले की जांच और मुकदमे की प्रक्रिया में कुछ ऐसे कदम उठाए गए, जिनसे उनकी नाराजगी बढ़ गई। परिवार के लोगों ने सवाल उठाया कि मुकदमे में परिजनों के स्थान पर चौकीदार को वादी क्यों बनाया गया। उनका कहना था कि इस मामले में परिवार की बात को उचित तरीके से सुना जाना चाहिए और जांच के दौरान उनकी शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए। इन्हीं मुद्दों को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने कोतवाली पहुंचकर विरोध जताया।
हत्या में इस्तेमाल हथियारों को लेकर भी उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान मृतक के परिजनों ने हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों को लेकर भी सवाल उठाए। परिवार का आरोप था कि घटना में इस्तेमाल किए गए मुख्य हथियारों को लेकर पूरी जानकारी सामने नहीं रखी गई और केवल लाठी-डंडों तथा पॉपुलर की लकड़ी के डंडों का उल्लेख किया गया। इन आरोपों को लेकर परिजनों ने मामले की जांच पर असंतोष जताया। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाए और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को सामने लाया जाए।
कोतवाली परिसर में धरने पर बैठे ग्रामीण
परिजनों की नाराजगी के बीच बड़ी संख्या में ग्रामीण गंगोह कोतवाली पहुंचे। वहां लोगों ने अपनी मांगों को लेकर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हत्या जैसे गंभीर मामले में सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी जरूरी है। परिवार को न्याय दिलाने के लिए पुलिस को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कोतवाली परिसर में लोगों की भीड़ बढ़ गई और स्थिति को नियंत्रित करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया।
प्रदर्शनकारियों को हटाने के दौरान पुलिस ने भांजी लाठियां
कोतवाली परिसर में चल रहे प्रदर्शन को समाप्त कराने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कार्रवाई की। इसी दौरान पुलिस ने लाठियां भांजी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लाठीचार्ज के बाद ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई। घटना की जानकारी क्षेत्र में फैलने के साथ ही कोतवाली में लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी। हत्याकांड को लेकर पहले से नाराज परिजनों और ग्रामीणों के बीच पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर भी विरोध देखने को मिला।

सांसद इकरा हसन और विधायक नाहिद हसन पहुंचे
कोतवाली में प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई की सूचना मिलने पर कैराना की सांसद इकरा हसन और विधायक नाहिद हसन मौके पर पहुंचे। उनके साथ पूर्व नगर पालिका चेयरमैन नोमान मसूद, हमजा मसूद, सपा नेता धर्मवीर खटाना और भीम आर्मी से जुड़े महताब अली सहित अन्य लोग भी पहुंचे। नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने मृतक के परिजनों की मांगों का समर्थन करते हुए पुलिस की कार्रवाई पर विरोध जताया। मौके पर नेताओं की मौजूदगी के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया।
पुलिस अधिकारियों के साथ हुई बातचीत
प्रदर्शन के दौरान नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत की। इस दौरान मृतक के परिजनों की शिकायतों, मामले की जांच और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया गया। परिजन चाहते थे कि पुलिस मामले में तेजी से कार्रवाई करे और किसी भी आरोपी को गिरफ्तारी से बचने का मौका न मिले। अधिकारियों के साथ हुई बातचीत में परिवार की मांगों पर ध्यान देने और जांच को निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया गया।
तीन दिन में कार्रवाई का आश्वासन
पुलिस अधिकारियों की ओर से शेष आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई के लिए तीन दिन का समय दिया गया। अधिकारियों ने परिजनों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर ध्यान दिया जाएगा और मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन के बाद प्रदर्शन कर रहे परिजन और ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद कोतवाली परिसर में चल रहा धरना समाप्त कर दिया गया। फिलहाल इस पूरे प्रकरण में आगे की पुलिस कार्रवाई पर परिजनों और स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।
15 नामजद आरोपियों में से तीन गिरफ्तार
अरबीन चौहान हत्याकांड में पुलिस ने 15 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इनमें से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं, एक अन्य आरोपी पुलिस हिरासत में उपचाराधीन बताया गया है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर मृतक के परिजन लगातार मांग कर रहे थे। इसी मुद्दे ने बुधवार को गंगोह कोतवाली में हुए प्रदर्शन के दौरान प्रमुख स्थान लिया। पुलिस अधिकारियों की ओर से शेष आरोपियों के संबंध में तीन दिन के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी नजरें
गंगोह के कल्लरहेड़ी गांव में अरबीन चौहान की हत्या के बाद शुरू हुआ विरोध बुधवार को कोतवाली घेराव और लाठीचार्ज तक पहुंच गया। मृतक के परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली, मुकदमे में वादी बनाए जाने की प्रक्रिया और हथियारों से संबंधित जांच पर सवाल उठाए। वहीं, पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद तीन दिन में कार्रवाई का भरोसा मिलने पर प्रदर्शन समाप्त हो गया। अब इस मामले में शेष आरोपियों की गिरफ्तारी और परिजनों की शिकायतों पर होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण रहेगी।

