Agra MLC Election Repoll आगरा MLC चुनाव: 3 बूथों पर 26 अक्टूबर को दोबारा मतदान, बूथ कैप्चरिंग के आरोपों के बाद ECI का बड़ा फैसला
आगरा MLC चुनाव में 3 बूथों पर दोबारा वोटिंग
आगरा में विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मतदान के दौरान कथित गड़बड़ियों और बूथ कैप्चरिंग के आरोपों के बाद भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने तीन बूथों पर दोबारा मतदान कराने का आदेश जारी किया है। इन बूथों पर 26 अक्टूबर को पुनर्मतदान कराया जाएगा। इस फैसले के बाद चुनाव प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
भारत निर्वाचन आयोग ने जारी किया आदेश
दी गई जानकारी के मुताबिक, भारत निर्वाचन आयोग ने शनिवार को तीन बूथों पर दोबारा मतदान कराने का आदेश जारी किया। इससे पहले जिलाधिकारी (DM) ने इन मतदान केंद्रों पर हुए मतदान को रद्द करने की सिफारिश की थी। मतदान के दौरान सामने आई शिकायतों और हंगामे के बाद मामले की जांच कराई गई। इसके बाद तीन बूथों पर पुनर्मतदान का प्रस्ताव निर्वाचन आयोग को भेजा गया। आयोग के आदेश के अनुसार, इन केंद्रों पर 26 अक्टूबर को दोबारा वोट डाले जाएंगे।
किन तीन बूथों पर होगा पुनर्मतदान?
आगरा जिले में जिन तीन मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग कराई जाएगी, उनमें खेरागढ़, सैंया और फतेहाबाद के बूथ शामिल हैं। इन तीनों केंद्रों को लेकर मतदान के दौरान गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे। निर्वाचन आयोग के आदेश के बाद अब इन बूथों पर दोबारा मतदान कराया जाएगा।
खेरागढ़, सैंया और फतेहाबाद में मतदान केंद्र
पुनर्मतदान के लिए बताए गए मतदान केंद्रों में खेरागढ़ स्थित तहसील परिसर के कक्ष संख्या-1 में बूथ नंबर 20 शामिल है। वहीं, सैंया में क्षेत्र पंचायत कार्यालय के कक्ष संख्या-1 पर बूथ नंबर 21 और फतेहाबाद में क्षेत्र पंचायत कार्यालय के कक्ष संख्या-1 पर बूथ नंबर 26 का जिक्र किया गया है। इन तीनों बूथों पर 26 अक्टूबर को दोबारा मतदान कराया जाएगा।
सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने लगाए थे आरोप
शुक्रवार को हुए मतदान के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी और मौजूदा MLC डॉ. आकाश अग्रवाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगाए थे। सपा प्रत्याशी और उनके प्रतिनिधियों ने मतदान केंद्रों पर कथित धांधली, फर्जी मतदान और चुनाव एजेंटों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें की थीं। इन आरोपों के बाद चुनाव प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।
बूथ कैप्चरिंग और फर्जी मतदान की शिकायत
सपा प्रत्याशी और उनके प्रतिनिधियों की ओर से आरोप लगाया गया कि भाजपा के नेताओं और समर्थकों ने कई मतदान केंद्रों पर जबरन प्रवेश किया। शिकायतों में बूथ कैप्चरिंग और फर्जी वोट डलवाने के आरोप भी शामिल थे। इन आरोपों को लेकर मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए। हालांकि, इन आरोपों को संबंधित पक्षों के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों के संबंध में भाजपा का पक्ष नहीं दिया गया है।
चुनाव एजेंटों और स्कूल प्रबंधकों से दुर्व्यवहार के आरोप
शिकायतों में चुनाव एजेंटों और स्कूल प्रबंधकों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा भी उठाया गया। सपा की ओर से आरोप लगाया गया कि छाता और अन्य क्षेत्रों के मतदान केंद्रों से पार्टी के चुनाव एजेंटों और स्कूल प्रबंधकों को बलपूर्वक हटाया गया। इसके साथ ही मारपीट किए जाने की शिकायत भी की गई। इन घटनाओं को लेकर सपा प्रत्याशी और उनके प्रतिनिधियों ने मतदान के दौरान गड़बड़ी होने का आरोप लगाया था।
प्रशासनिक शिथिलता को लेकर भी उठे सवाल
सपा प्रत्याशी और उनके प्रतिनिधियों ने स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि मतदान केंद्रों पर गड़बड़ियों की शिकायतें मिलने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने उन्हें रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। शिकायतकर्ताओं ने प्रशासनिक शिथिलता का आरोप लगाते हुए चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की थी। इन शिकायतों के बाद मामला निर्वाचन अधिकारियों तक पहुंचा।
शिकायतों और हंगामे के बाद कराई गई जांच
मतदान के दौरान शिकायतें सामने आने और हंगामा होने के बाद मंडलायुक्त एवं रिटर्निंग ऑफिसर की ओर से जांच कराई गई। दी गई जानकारी के अनुसार, जांच के बाद तीन बूथों पर पुनर्मतदान कराने का प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग को भेजा गया। जिलाधिकारी ने भी इन बूथों पर हुए मतदान को रद्द करने की सिफारिश की थी। इसके बाद निर्वाचन आयोग की ओर से तीन बूथों पर दोबारा मतदान कराने का आदेश जारी किया गया।
तीन बूथों पर दोबारा मतदान का फैसला क्यों अहम?
चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी की शिकायतें सामने आने के बाद पुनर्मतदान का फैसला चुनाव प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इस मामले में सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल की ओर से बूथ कैप्चरिंग और फर्जी मतदान के आरोप लगाए गए थे। साथ ही, चुनाव एजेंटों के साथ दुर्व्यवहार और प्रशासनिक शिथिलता की शिकायतें भी की गई थीं। इन शिकायतों के बाद जांच और पुनर्मतदान की प्रक्रिया आगे बढ़ी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर सभी आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।
26 अक्टूबर को दोबारा डाले जाएंगे वोट
भारत निर्वाचन आयोग के आदेश के अनुसार, खेरागढ़ के बूथ नंबर 20, सैंया के बूथ नंबर 21 और फतेहाबाद के बूथ नंबर 26 पर 26 अक्टूबर को दोबारा मतदान होगा। इन तीनों बूथों पर पहले हुए मतदान को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। अब पुनर्मतदान के जरिए इन केंद्रों पर दोबारा वोट डाले जाएंगे। इस घटनाक्रम के बाद आगरा MLC चुनाव में इन तीन बूथों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
निर्वाचन प्रक्रिया पर टिकी निगाहें
तीन बूथों पर पुनर्मतदान का आदेश जारी होने के बाद अब इन मतदान केंद्रों पर होने वाली वोटिंग पर निगाहें रहेंगी। मामले की शुरुआत मतदान के दौरान लगाए गए आरोपों और शिकायतों से हुई थी। इसके बाद जिलाधिकारी की सिफारिश, जांच और निर्वाचन आयोग के आदेश के जरिए पुनर्मतदान का निर्णय सामने आया। इस पूरे घटनाक्रम में यह स्पष्ट है कि संबंधित तीन बूथों पर 26 अक्टूबर को दोबारा मतदान कराया जाना है।
निष्कर्ष: आगरा MLC चुनाव में तीन बूथों पर पुनर्मतदान
आगरा MLC चुनाव में कथित बूथ कैप्चरिंग और फर्जी मतदान की शिकायतों के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने तीन बूथों पर 26 अक्टूबर को पुनर्मतदान कराने का आदेश जारी किया है। खेरागढ़, सैंया और फतेहाबाद के संबंधित मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग होगी। सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए थे, जबकि उपलब्ध जानकारी में भाजपा का पक्ष शामिल नहीं है। ऐसे में इस मामले से जुड़े आरोपों और स्थापित तथ्यों के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।

