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सहारनपुर: सनातन धर्म अपनाने के बाद शंकर ने शुरू की पहली कांवड़ यात्रा, हरिद्वार से जल लेकर गाजियाबाद के लिए रवाना

Site Administrator 03 Aug 2026, 03:56 PM 66 views 0 comments
सहारनपुर: सनातन धर्म अपनाने के बाद शंकर ने शुरू की पहली कांवड़ यात्रा, हरिद्वार से जल लेकर गाजियाबाद के लिए रवाना

सहारनपुर के बेहड़ी गुर्जर में भक्ति और आस्था का अनोखा माहौल

Saharanpur Shankar Kanwar Yatra

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले स्थित सरसावा क्षेत्र के बेहड़ी गुर्जर गांव निवासी शंकर ने सनातन धर्म अपनाने के पश्चात अपनी पहली कांवड़ यात्रा आरंभ की है। परिवार सहित सनातन धर्म में शामिल होने के बाद यह उनकी पहली कांवड़ यात्रा है, जिसके चलते पूरे क्षेत्र में उत्सुकता और चर्चा का वातावरण बना हुआ है। भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था प्रकट करते हुए शंकर अपने साथियों के साथ इस पवित्र यात्रा पर निकल पड़े हैं।

शहजाद से शंकर और सना से सावित्री बनने का सफर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शंकर को पहले शहजाद के नाम से जाना जाता था। उन्होंने जून 2026 में अपने परिवार के साथ अपनी स्वेच्छा से सनातन धर्म स्वीकार किया था। धर्म परिवर्तन के उपरांत उन्होंने अपना नाम बदलकर शंकर रखा, जबकि उनकी धर्मपत्नी ने अपना नाम सना से बदलकर सावित्री कर लिया। सनातन संस्कृति को अपनाने के बाद से ही दंपत्ति भगवान भोलेनाथ की भक्ति में लीन हैं और इसी क्रम में उन्होंने इस वर्ष पहली बार कांवड़ उठाने का संकल्प लिया।

हरिद्वार से गंगाजल लेकर गाजियाबाद दूधेश्वर महादेव के लिए प्रस्थान

शंकर ने बताया कि वह अपनी पत्नी सावित्री और अन्य कांवड़ियों के साथ हरिद्वार पहुंचे, जहां से पवित्र गंगाजल भरकर वे पदयात्रा पर निकले हैं। उनकी यह यात्रा गाजियाबाद स्थित ऐतिहासिक दूधेश्वर महादेव मंदिर तक जाएगी, जहां वे पूर्ण विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। इस पावन यात्रा में बिजनौर निवासी राजन समेत अन्य कई श्रद्धालु भी उनके साथ सहयात्री के रूप में शामिल हैं।

मनोकामना पूर्ण होने पर लिया कांवड़ यात्रा का संकल्प

अपनी यात्रा के संबंध में जानकारी देते हुए शंकर ने स्पष्ट किया कि सनातन धर्म अपनाने का फैसला उन्होंने किसी दबाव में नहीं, बल्कि पूरी तरह अपनी इच्छा से लिया था। उन्होंने बताया कि एक विशेष मनोकामना पूरी होने के बाद उन्होंने भगवान शिव के प्रति कृतज्ञता और श्रद्धा व्यक्त करने के उद्देश्य से पहली कांवड़ यात्रा करने का संकल्प लिया था। उसी संकल्प को पूरा करने के लिए वे आज कांवड़ लेकर गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।

मार्ग में जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत और पुष्पवर्षा

कांवड़ यात्रा के दौरान गंग नहर पटरी मार्ग सहित विभिन्न स्थानों पर स्थानीय श्रद्धालुओं और कांवड़ सेवा शिविरों की ओर से शंकर और उनके साथियों का जोरदार स्वागत किया गया। यात्रा मार्ग में अनेक स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा की, फूल-मालाएं पहनाकर उनका अभिनंदन किया और उनके लिए जलपान की उत्तम व्यवस्था की। पूरे मार्ग में 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के गगनभेदी जयघोष गूंजते रहे, जिससे माहौल पूरी तरह शिवभक्ति में सराबोर नजर आया।

दूधेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक के साथ होगा समापन

शंकर ने अपनी इस पहली यात्रा को जीवन का सबसे सुखद अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद स्थित प्रसिद्ध दूधेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ पर गंगाजल अर्पित करने के साथ ही उनकी यह पहली ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा संपन्न होगी।

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