सावन का पहला सोमवार: भोर से ही मंदिरों में लगी लंबी कतारें Sawan Pehla Somwar
सावन माह के पहले सोमवार के पावन अवसर पर देशभर के प्रमुख शिवालयों, गंगा घाटों और विभिन्न धार्मिक स्थलों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भगवान शिव के भक्तों ने तड़के पवित्र स्नान के बाद पूजा-अर्चना की और शिवलिंग पर जलाभिषेक कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि एवं विश्व कल्याण के लिए प्रार्थना की। मंदिरों का पूरा वातावरण "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के गगनभेदी जयघोष से गुंजायमान रहा, जिससे हर तरफ भक्ति की एक अद्भुत लहर देखने को मिली।

गंगा तटों पर आस्था की डुबकी और कांवड़ियों का भारी उत्साह
विभिन्न गंगा तटों पर श्रद्धालुओं ने भोर से ही पवित्र जल में आस्था की डुबकी लगाई और पात्रों में गंगाजल भरकर शिवलिंग पर अर्पित किया। इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों से आए कांवड़ियों का उत्साह भी देखते ही बन रहा था। कांवड़ यात्रा के दौरान शिव भक्त भगवान शिव के भजनों और भक्ति गीतों पर झूमते हुए अपने तय किए गए शिवालयों की दिशा में आगे बढ़ते नजर आए। कांवड़ियों की सेवा और सुविधा के लिए अनेक स्थानों पर सामाजिक संगठनों द्वारा जलपान, स्वास्थ्य देखरेख और विश्राम के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं।
प्रशासन के कड़े सुरक्षा इंतजाम और विशेष ट्रैफिक प्लान
सावन के पहले सोमवार को देखते हुए शासन और स्थानीय प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए संवेदनशील इलाकों और प्रमुख मंदिर परिसरों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं और आम जनता की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए कई व्यस्त मार्गों पर विशेष ट्रैफिक रूट प्लान लागू किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी दर्शनार्थियों और कांवड़ियों से पूर्व-निर्धारित मार्गों का पालन करने तथा सुरक्षा व यातायात नियमों का पूर्ण ध्यान रखने की अपील की।
धार्मिक मान्यता और मनोकामना पूर्ति का पावन अवसर
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन महीने का प्रत्येक सोमवार देवाधिदेव महादेव की विशेष पूजा और भक्ति के लिए अत्यंत फलदायी व शुभ माना गया है। शास्त्रों में ऐसी आस्था है कि इस पावन दिन व्रत धारण करने, शिवलिंग का जलाभिषेक करने और रुद्राभिषेक संपन्न कराने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी अटूट आस्था और विश्वास के चलते सावन के इस पहले सोमवार पर सुबह तड़के से लेकर देर शाम तक मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रही और संपूर्ण वातावरण शिवभक्ति में सराबोर नजर आया।