सहारनपुर की बेटियों ने क्रिकेट जगत में लहराया परचम
Saharanpur UP U19 Girls Cricket
सहारनपुर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (एसडीसीए) के तत्वावधान में आयोजित गर्ल्स हाई परफॉर्मेंस कैंप से सहारनपुर के खेल जगत के लिए एक बेहद शानदार और गौरवान्वित करने वाली खबर सामने आई है। इस विशेष प्रशिक्षण शिविर की छह होनहार महिला खिलाड़ियों का चयन उत्तर प्रदेश अंडर-19 टीम के फाइनल ट्रायल के लिए किया गया है। इस उपलब्धि के बाद सहारनपुर के क्रिकेट जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है और हर तरफ इन युवा बेटियों के प्रदर्शन की सराहना हो रही है।

यूपी अंडर-19 के फाइनल ट्रायल में चयनित खिलाड़ियों के नाम
एसडीसीए द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, फाइनल ट्रायल में अपनी जगह पक्की करने वाली खिलाड़ियों में वंशिका सैनी (पुत्री सेवाराम), वंशिका सैनी (पुत्री ओमवीर सैनी), तनु धीमान, दिशा शर्मा, आस्था वर्मा और संध्या कश्यप शामिल हैं। इन सभी खिलाड़ियों ने हाई परफॉर्मेंस कैंप में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन और लगन के दम पर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया और फाइनल ट्रायल की सूची में जगह बनाई।
एसडीसीए डायरेक्टर मोहम्मद अकरम और पदाधिकारियों ने जताया गर्व
एसडीसीए के डायरेक्टर मोहम्मद अकरम ने इस उपलब्धि को जिले के लिए अत्यंत गर्व का क्षण करार दिया। उन्होंने कहा कि संस्था का मुख्य उद्देश्य जिले की प्रतिभाशाली बेटियों को आधुनिक और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण देकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर के मंच तक पहुंचाना है। उन्होंने सभी चयनित खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें फाइनल ट्रायल के लिए शुभकामनाएं दीं।
इसी क्रम में एसडीसीए के चेयरमैन परविंदर सिंह, अध्यक्ष राजीव गुप्ता, सचिव यशपाल, उपाध्यक्ष रवि सिंघल, कोषाध्यक्ष पाली कालड़ा, एपेक्स काउंसिल सदस्य लतीफ उर रहमान, संयुक्त सचिव ऋषि चौधरी तथा मीडिया प्रभारी सैयद मशकूर ने भी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई दी। पदाधिकारियों ने पूरा विश्वास व्यक्त किया कि ये बेटियां फाइनल ट्रायल में भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए उत्तर प्रदेश की मुख्य टीम में स्थान बनाएंगी और सहारनपुर का नाम रोशन करेंगी।
हेड कोच भावना तोमर ने बताया सफलता का राज
टीम की हेड कोच भावना तोमर ने खिलाड़ियों के चयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि एक साथ छह खिलाड़ियों का राज्य स्तरीय फाइनल ट्रायल के लिए चुना जाना कैंप में की गई कड़ी मेहनत का परिणाम है। उन्होंने बताया कि इस हाई परफॉर्मेंस कैंप के दौरान खिलाड़ियों की तकनीकी बारीकियों, शारीरिक फिटनेस, फील्डिंग स्किल्स, मैच सिमुलेशन और मानसिक मजबूती पर विशेष ध्यान दिया गया था। कोच के अनुसार, इसी योजनाबद्ध और कठोर प्रशिक्षण का सकारात्मक परिणाम अब मैदान पर देखने को मिल रहा है।