सहारनपुर में रेत ठेकेदार की संदिग्ध मौत से हड़कंप

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिला अंतर्गत नकुड़ कोतवाली क्षेत्र के गांव रणदेवा में उस समय सनसनी फैल गई, जब 58 वर्षीय रेत ठेकेदार सुंदर सिंह की उपचार के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम संपन्न होने के बाद परिजन शव को लेकर सीधे नकुड़ कोतवाली पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर कोतवाली पहुंचे आक्रोशित परिजन
सोमवार को कानूनी प्रक्रियाओं के तहत पोस्टमार्टम संपन्न होने के बाद पुलिस ने सुंदर सिंह का पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया। इसके तुरंत बाद परिवार के सदस्य और ग्रामीण एकत्र होकर शव के साथ नकुड़ कोतवाली पहुंचे। वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों के समक्ष परिजनों ने निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग रखी। परिजनों ने स्पष्ट किया कि जब तक निष्पक्ष कार्रवाई की गारंटी नहीं मिलती, वे शांत नहीं बैठेंगे।
मृतक के बेटे ने लगाया जहर देने का संगीन आरोप
मामले में मृतक के बेटे चन्दपाल ने नकुड़ थाना पुलिस को लिखित तहरीर सौंपी है। दी गई शिकायत में दो व्यक्तियों को नामजद करते हुए उन पर सुंदर सिंह को जहरीला पदार्थ खिलाने का आरोप लगाया गया है। चन्दपाल ने बताया कि उनके पिता इलाके में रेत आपूर्ति (सप्लाई) का काम संभालते थे और घटनाक्रम से ठीक पहले बने हालात से साफ झलकता है कि उन्हें साजिश के तहत जहर दिया गया है।
रविवार सुबह घर पहुंचे थे दो संदिग्ध कार सवार
परिवार के सदस्यों ने घटना की पृष्ठभूमि साझा करते हुए बताया कि रविवार सुबह एक चार पहिया वाहन में सवार होकर दो व्यक्ति उनके घर आए थे। उन्होंने सुंदर सिंह के संबंध में पूछताछ की, हालांकि उस समय सुंदर सिंह घर पर मौजूद नहीं थे। परिजनों द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद दोनों व्यक्ति वहां से चले गए। इस मुलाकात के कुछ ही घंटों बाद दोपहर में दुखद घटनाक्रम सामने आया।
सड़क किनारे अचेत मिले सुंदर सिंह, मोबाइल कॉल से हुआ खुलासा
चन्दपाल के अनुसार, रविवार दोपहर लगभग दो से तीन बजे के मध्य उनके पिता सुंदर सिंह के मोबाइल से एक कॉल आई। फोन किसी राहगीर या अन्य व्यक्ति ने उठाया था, जिसने सूचित किया कि सुंदर सिंह गांव भैरमऊ जाने वाले मार्ग पर अचेत अवस्था में पड़े हुए हैं। जानकारी मिलते ही परिजन आनन-फानन में मौके पर पहुंचे, जहां सुंदर सिंह की हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से पीजीआई पिलखनी किया गया रेफर
परिजन तत्काल सुंदर सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) नकुड़ लेकर पहुंचे और साथ ही आपातकालीन पुलिस सेवा 112 को भी सूचित किया। सीएचसी में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें तुरंत पीजीआई अस्पताल पिलखनी के लिए रेफर कर दिया, जहां उन्हें भर्ती कराकर इलाज शुरू किया गया।
पुलिस के समक्ष दर्ज बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग का दावा
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में इलाज के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी में सुंदर सिंह ने होश में रहते हुए घटना से जुड़े कुछ बेहद अहम तथ्य बताए थे। परिवार का दावा है कि इस दौरान पुलिस द्वारा उस बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग भी तैयार की गई थी। परिजनों की मांग है कि जांच अधिकारी इस वीडियो क्लिप को मुख्य साक्ष्य मानकर जांच की दिशा तय करें।
उपचार के दौरान तोड़ा दम, परिवार में पसरा मातम
पीजीआई अस्पताल पिलखनी में विशेषज्ञों की देखरेख में सुंदर सिंह का इलाज चल रहा था, लेकिन रविवार की रात उन्होंने अंतिम सांस ली। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा
कोतवाली में परिजनों के बढ़ते विरोध को देखते हुए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक देवेश कुमार शर्मा ने परिजनों से सीधी बातचीत की। उन्होंने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया कि पुलिस हर पहलू की सूक्ष्मता और निष्पक्षता से जांच कर रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे। पुलिस के इस ठोस आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए और शव को लेकर गांव के लिए रवाना हुए।
पत्नी ने लगाई न्याय की गुहार, गांव में शोक का माहौल
मृतक सुंदर सिंह की पत्नी बेदो ने भी रो-रोकर अपने पति की मौत के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। सुंदर सिंह अपने पीछे पत्नी बेदो, तीन पुत्रों—चन्दपाल, रवि कुमार, तुषार—और एक बेटी को छोड़ गए हैं। घर के मुखिया की अचानक मौत से रणदेवा गांव और आसपास के इलाकों में शोक की लहर व्याप्त है। पुलिस फिलहाल दर्ज तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कानूनी जांच आगे बढ़ा रही है।