सहारनपुर में कांवड़ यात्रा की तैयारियां तेज

सावन माह में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर सहारनपुर नगर निगम ने अपनी तैयारियां बेहद तेज कर दी हैं। 29 जुलाई से शुरू हो रही इस पावन यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए नगर निगम शहरी क्षेत्र में व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं कर रहा है। शहर से गुजरने वाले लगभग 13 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग की मुख्य जिम्मेदारी नगर निगम पर है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने विभिन्न विभागों को अलग-अलग काम सौंप दिए हैं।
12 लाख शिवभक्तों के आवागमन का अनुमान
प्रत्येक वर्ष भारी संख्या में शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर सहारनपुर के रास्ते पंजाब, हरियाणा और अन्य पड़ोसी राज्यों की ओर प्रस्थान करते हैं। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, हर साल करीब 12 लाख कांवड़िए इस मार्ग से गुजरते हैं। देहरादून रोड से शुरू होकर घंटाघर होते हुए अंबाला रोड तक का मार्ग कांवड़ यात्रा का मुख्य रूट माना जाता है। इसी वजह से इस पूरे 13 किमी लंबे रूट पर विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो।
40 कांवड़ शिविरों और सड़कों की मरम्मत की व्यवस्था
नगर क्षेत्र में कांवड़ मार्ग पर लगभग 40 कांवड़ शिविर स्थापित किए जाएंगे। इन शिविरों में श्रद्धालुओं के विश्राम, पीने के पानी, स्नान के लिए पानी, साफ-सफाई और मोबाइल शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं दी जाएंगी। इसके अतिरिक्त, लोक निर्माण विभाग (PWD) और नगर निगम अपने-अपने अधिकार क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत का काम भी तेजी से पूरा कर रहे हैं ताकि कांवड़ियों को गड्ढामुक्त और सुगम मार्ग मिल सके।
नगर निगम के कई अनुभाग एक साथ सक्रिय
कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के लिए नगर निगम के कई विभाग एक साथ मैदान में उतरे हैं। इनमें निर्माण विभाग, जलकल अनुभाग, पथ प्रकाश अनुभाग और नगर स्वास्थ्य अनुभाग शामिल हैं। सभी अनुभागों को स्पष्ट जिम्मेदारियां बांटी गई हैं ताकि यात्रा मार्ग पर किसी प्रकार की कमी न रहे और सभी कार्य समय से पूर्व संपन्न हो जाएं।
बिजली के 550 खंभों पर इंसुलेटिंग टेपिंग
सुरक्षा के लिहाज से नगर निगम ने एक अनूठी पहल की है। कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित लगभग 550 बिजली के खंभों पर इंसुलेटिंग प्लास्टिक टेपिंग कराई जा रही है। खंभों पर करीब आठ फीट की ऊंचाई तक प्लास्टिक टेप लपेटा जा रहा है ताकि बारिश या नमी के दौरान किसी भी शिवभक्त को बिजली के करंट लगने जैसी गंभीर दुर्घटना का सामना न करना पड़े।
800 फोकस लाइट्स से चमकेगा कांवड़ मार्ग
रात के समय यात्रा को सुरक्षित और प्रकाशमय बनाने के लिए नगर निगम पूरे मार्ग पर लगभग 800 फोकस लाइट्स लगा रहा है। इसके साथ ही, पूर्व में लगी खराब स्ट्रीट लाइट्स को ठीक किया जा रहा है। यदि यात्रा के दौरान कहीं बिजली आपूर्ति बाधित होती है, तो उसके लिए जनरेटर की वैकल्पिक व्यवस्था भी रखी गई है ताकि रोशनी में कोई व्यवधान न आए।
सफाई व्यवस्था: 175 सफाई मित्र और 6 निरीक्षक तैनात
यात्रा के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के लिए नगर स्वास्थ्य अनुभाग ने विशेष योजना बनाई है। छह सफाई निरीक्षकों की ड्यूटी 24 घंटे निगरानी के लिए लगाई गई है। साथ ही 175 सफाई मित्रों को पूरे मार्ग पर नियमित सफाई सुनिश्चित करने का काम सौंपा गया है। नगर निगम का लक्ष्य पूरे 13 किमी लंबे मार्ग पर स्वच्छ और हाइजीनिक वातावरण बनाए रखना है।
18 मोबाइल शौचालय और पेयजल की समुचित व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर निगम विभिन्न स्थानों पर 18 मोबाइल शौचालय स्थापित कर रहा है। इसके अलावा, क्षेत्र में स्थित स्थायी सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत कराकर उन्हें इस्तेमाल योग्य बनाया जा रहा है। सभी कांवड़ शिविरों में शुद्ध पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने की व्यवस्था जलकल अनुभाग द्वारा की जा रही है।
अतिक्रमण हटाओ अभियान और चौराहों का सौंदर्यीकरण
कांवड़ मार्ग पर आवागमन बिना रुकावट के चलता रहे, इसके लिए नगर निगम लगातार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रहा है। इसके साथ ही, शहर के प्रमुख चौराहों को विशेष रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जा रहा है, जिससे पूरे कांवड़ मार्ग का स्वरूप आकर्षक और भव्य दिखाई दे।
महापौर डॉ. अजय कुमार का वक्तव्य
सहारनपुर के महापौर डॉ. अजय कुमार ने बताया कि नगर निगम की ओर से कांवड़ यात्रा की सभी तैयारियां पूरी मुस्तैदी से की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का पूरा प्रयास रहेगा कि किसी भी कांवड़िए को यात्रा के दौरान कोई असुविधा न हो और सभी श्रद्धालु सहारनपुर से एक सुखद व सकारात्मक संदेश लेकर लौटें।
पुलिस प्रशासन द्वारा कड़े सुरक्षा इंतज़ाम
कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने भी पुख्ता इंतजाम किए हैं। उत्तर प्रदेश से हरियाणा सीमा तक अस्थायी कांवड़ पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा और पूरे मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं।