Sawan Kanwar Yatra Ghaziabad Saharanpur
सावन माह के आगाज के साथ शिवभक्ति के रंग में रंगा क्षेत्र
पवित्र सावन महीने की शुरुआत होते ही उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत आसपास के पूरे इलाके में भक्ति का अद्भुत माहौल बन गया है। कांवड़ यात्रा अब पूरी तरह से अपनी गति पकड़ चुकी है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और अन्य पड़ोसी राज्यों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर लगातार बढ़ रहे हैं। गाजियाबाद और सहारनपुर के मुख्य कांवड़ मार्गों पर सुबह तड़के से लेकर देर रात तक 'बम-बम भोले' और 'हर-हर महादेव' के उद्घोष गूंज रहे हैं। केसरी और भगवा परिधानों में सजे शिवभक्तों के जत्थे अद्भुत उत्साह और अटूट श्रद्धा के साथ अपनी पावन यात्रा पर आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं।

शिव चौक और मंदिरों में उमड़ी भीड़, श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
शहर के सुप्रसिद्ध शिव चौक सहित तमाम छोटे-बड़े शिवालयों में भोलेनाथ के दर्शन और पूजन के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। तड़के से ही मंदिरों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। कांवड़ियों और स्थानीय नागरिकों ने पवित्र गंगाजल से भगवान आशुतोष का पूर्ण विधि-विधान के साथ जलाभिषेक किया। इसके साथ ही दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक करके देश व परिवार की सुख-समृद्धि, बेहतर स्वास्थ्य और खुशहाली की मंगल कामना की गई। कई धार्मिक स्थलों पर भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है, जिससे पूरा वातावरण शिवमय बना हुआ है।
सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम: ट्रैफिक डायवर्जन और भारी बल तैनात
कांवड़ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। यात्रा मार्गों पर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। कांवड़ मार्गों पर भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है और कई मुख्य रास्तों पर रूट डायवर्जन लागू किया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी तरह की चूक न हो, इसके लिए जगह-जगह नागरिक पुलिस, पीएसी और यातायात पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके और यात्रियों को परेशानी न हो।
सेवा शिविरों में 24 घंटे मिल रही सुविधाएं, सामाजिक संस्थाएं सक्रिय
कांवड़ियों की सुगम यात्रा के लिए कांवड़ मार्गों के किनारे विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और स्वयंसेवी संगठनों द्वारा भव्य सेवा शिविर स्थापित किए गए हैं। इन शिविरों में शिवभक्तों के विश्राम, भोजन, शुद्ध पेयजल, चिकित्सा सहायता और प्राथमिक उपचार की चौबीसों घंटे निशुल्क व्यवस्था की गई है। सामाजिक संगठनों के स्वयंसेवक दिन-रात निस्वार्थ भाव से कांवड़ियों की सेवा में समर्पित हैं, जिससे दूर-दराज़ से आ रहे कांवड़ियों को काफी राहत मिल रही है।
हरिद्वार गंगा घाटों पर उमड़ा आस्था का महासैलाब
हरिद्वार और उसके आसपास के प्रमुख गंगा घाटों पर भी इन दिनों अपार जनसैलाब देखा जा रहा है। प्रशासनिक अनुमान के अनुसार, इस बार सावन के पवित्र अवसर पर करोड़ों की तादाद में श्रद्धालु गंगाजल भरकर अपने गंतव्य शिवालयों की ओर प्रस्थान करेंगे। भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए हरिद्वार से लेकर विभिन्न जिलों के कांवड़ मार्गों तक सुरक्षा, साफ-सफाई और यातायात प्रबंधन के विशेष बंदोबस्त किए गए हैं।
बच्चों और बुजुर्गों में भारी उत्साह, प्रशासन की शांति बनाए रखने की अपील
इस बार कांवड़ यात्रा में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी वर्ग के लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। कांवड़ियों की टोलियां ढोल-नगाड़ों की थाप, डीजे की धुनों और शिव भजनों पर झूमते हुए आगे बढ़ रही हैं। समूचा इलाका श्रद्धा और भक्ति से सराबोर है। इसी बीच स्थानीय प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से यातायात नियमों का पूर्ण पालन करने, निर्धारित कांवड़ मार्गों का ही उपयोग करने और किसी भी संदिग्ध स्थिति या व्यक्ति की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की है ताकि यात्रा सुरक्षित संपन्न हो सके।