New Delhi: लोकसभा में परीक्षा सुधार विधेयक पर हंगामा और तीखी बहस
डिजिटल दर्पण न्यूज नेटवर्क | नई दिल्ली: लोकसभा में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से लाए गए लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। संसद में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की सरकारों के कार्यकाल में हुए पेपर लीक मामलों को लेकर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। यह बहस परीक्षा प्रणाली में सुधार और देश के युवाओं के भविष्य से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर केंद्रित रही।

अखिलेश यादव का केंद्र सरकार पर जोरदार हमला
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं सांसद अखिलेश यादव ने चर्चा में भाग लेते हुए केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार राम मंदिर में चढ़ावा तक सुरक्षित नहीं रख सकी, तो वह पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या को कैसे रोक पाएगी। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के कार्यकाल में अनेक प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, जिससे देश के लाखों युवाओं का भविष्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है और उनकी वर्षों की मेहनत पर पानी फिरा है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का पलटवार और पुराने मामलों का जिक्र
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और विपक्ष के आरोपों का करारा जवाब दिया। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के शासनकाल के दौरान भी कई बड़े पेपर लीक मामले सामने आए थे। जितेंद्र सिंह ने ऐतिहासिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए वर्ष 2009 में रेलवे भर्ती बोर्ड, 2011 में इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा, 2012 में एआईपीएमटी और 2013 में महाराष्ट्र पेपर लीक जैसी घटनाओं को सदन के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि पेपर लीक कोई नई समस्या नहीं है, बल्कि यह पुरानी सरकारों के समय से चली आ रही एक जटिल चुनौती है।
कड़े कानून और परीक्षा सुधारों की रूपरेखा
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना और देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी तथा सुरक्षित बनाना है। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि इस प्रस्तावित कानून में पेपर लीक और धांधली करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, कड़ी सजा और भारी जुर्माने का स्पष्ट प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, परीक्षा सुधारों से संबंधित विभिन्न विशेषज्ञ समितियों की सिफारिशों को भी तेजी से लागू किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रियंका गांधी का प्रधानमंत्री से आग्रह और तल्ख टिप्पणी
लोकसभा में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने पेपर लीक को युवाओं के भविष्य और उनके सपनों की सीधी चोरी करार दिया। प्रियंका गांधी ने कहा कि युवाओं की उम्मीदें टूटना आज देश के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय बन चुका है। प्रधानमंत्री पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि 'कैमरे का एंगल नहीं, दिल का एंगल बदलने की जरूरत है।' उन्होंने शिक्षा मंत्री पर भी कुछ मामलों में आरोपियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया, जिसके बाद सदन में काफी हंगामा हुआ और सत्ता पक्ष के सांसदों ने इन आरोपों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
शिक्षा मंत्री पर लगे आरोपों पर बढ़ा विवाद
शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर लगाए गए आरोपों को लेकर सदन के भीतर माहौल काफी गरमा गया। सत्ता पक्ष के सांसदों ने विपक्ष से मांग की कि वे लगाए गए आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण सदन के सामने प्रस्तुत करें। दूसरी ओर, विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार जवाबदेही से बचने का प्रयास कर रही है। लोकसभा में परीक्षा सुधार विधेयक पर हुई इस पूरी चर्चा के दौरान पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और करोड़ों युवाओं का भविष्य ही मुख्य केंद्र बिंदु बने रहे।