मौलाना जौहर विश्वविद्यालय पर सियासत तेज
आंदोलन को मिली नई दिशा: नीट परीक्षा के पेपर लीक मामले में दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजीपी के आंदोलन को मिली अपार सफलता के बाद अब रामपुर में मौलाना जौहर विश्वविद्यालय को बचाने की कवायद तेज हो चुकी है। गैर-भाजपा दलों ने रामपुर में मोर्चा संभाल लिया है और बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया है। इस आंदोलन से मोहम्मद आजम खान के परिवार को विश्वविद्यालय बचाने की लड़ाई में बड़ी राजनीतिक ताकत मिलती दिख रही है।

रामपुर पहुंचे अजय राय, छात्राओं ने भी संभाला मोर्चा
विपक्ष हुआ एकजुट: मौलाना जौहर विश्वविद्यालय को बचाने के लिए उत्तर प्रदेश कांग्रेस और समाजवादी पार्टी एक साथ मैदान में उतर चुकी हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय खुद रामपुर पहुंचे हैं और आंदोलन को नई धार देने का काम कर रहे हैं। कांग्रेस और सपा के इस कदम से आजम खान के परिवार को सीधा समर्थन मिल रहा है। इसके अलावा, विश्वविद्यालय को बचाने की इस मुहिम में अब छात्राएं भी खुलकर आगे आ गई हैं, जिससे इस आंदोलन का दायरा और बढ़ गया है।
सपा प्रतिनिधिमंडल का दौरा और सांसद इकरा हसन की भूमिका
सपा का एक्शन प्लान: समाजवादी पार्टी का एक विशेष प्रतिनिधिमंडल दो बार रामपुर का दौरा कर स्थिति का जायजा ले चुका है। इस पूरे घटनाक्रम में कैराना सांसद इकरा हसन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। सपा का यह प्रतिनिधिमंडल लगातार रामपुर की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और विश्वविद्यालय के समर्थन में खड़ा है।
जेल में रहते हुए भी आजम खान का दबदबा बरकरार
पार्टी पर मजबूत पकड़: पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान भले ही इस समय जेल में बंद हैं, लेकिन उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया है कि समाजवादी पार्टी में उनकी पकड़ आज भी उतनी ही मजबूत है। जेल में रहते हुए भी उन्होंने रामपुर की सांसद रुचि वीरा और पूर्व मंत्री कमाल अख्तर के बीच चल रहे विवाद का पटाक्षेप कराया। आजम खान के हस्तक्षेप के बाद स्थिति ऐसी बनी कि इस्तीफा तक देने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिससे आजम खान ने अपनी राजनीतिक ताकत का अहसास कराया।
सहारनपुर में सरफराज खान परिवार की बढ़ी मुश्किलें
उलझन में सरफराज परिवार: रामपुर में चल रही राजनीतिक हलचल का असर सहारनपुर में भी साफ देखा जा रहा है। आजम खान के नजदीकी रहे पूर्व मंत्री सरफराज खान का परिवार इस समय भारी ऊहापोह की स्थिति में है। लंबे समय से सरफराज खान परिवार ने खुद को मोहम्मद आजम खान से अलग कर लिया था। क्षेत्र में यह चर्चाएं भी जोरों पर हैं कि आजम खान को जेल भिजवाने में इस परिवार की भूमिका रही है, जिसके कारण यह परिवार अब भारी असमंजस और सकते में है।
आजम खान की रिहाई की चर्चा और भविष्य पर संकट
बदलते राजनीतिक समीकरण: सूत्रों के अनुसार प्रदेश के पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान को जल्द जेल से रिहाई मिलने वाली है। यदि आजम खान बाहर आते हैं, तो सरफराज खान परिवार की परेशानियां और अधिक बढ़ सकती हैं। किसी समय मोहम्मद आजम खान और पूर्व मंत्री सरफराज खान परिवार के बीच काफी घनिष्ठ संबंध थे, लेकिन पिछले लंबे समय से यह संबंध समाप्त हो चुके थे। इसके बाद सरफराज खान ने समाजवादी पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था। अब चर्चाएं तेज हैं कि इस बदले राजनीतिक माहौल में सरफराज खान के राजनीतिक भविष्य पर ग्रहण लग सकता है।