Chilkana News Road Pillar Protest: आल्हनपुर में प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध
उत्तर प्रदेश के चिलकाना स्थित ग्राम आल्हनपुर में सड़क पर लगाए गए पिलरों को हटाने पहुंची राजस्व विभाग की टीम को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों के कड़े रुख और आक्रोश को देखते हुए राजस्व विभाग और पुलिस बल की टीम को बिना किसी कार्रवाई के वापस लौटना पड़ा। मौके पर कई घंटों तक अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच वार्ता चलती रही, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।

जिलाधिकारी के आदेश पर पहुंची थी राजस्व टीम
मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, गांव आल्हनपुर के ही कुछ निवासियों ने सड़क पर अवैध रूप से पिलर लगाए जाने की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। शिकायतकर्ताओं ने सरकारी मार्ग को फिर से खुलवाने और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर उप जिलाधिकारी सदर के आदेशानुसार गुरुवार को नायब तहसीलदार मुकर्रम बदर खान के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम और पुलिस बल मौके पर कार्रवाई करने पहुंचे थे।
सड़क पर पिलर लगाने की वजह: खनन डंपर और बच्चों की सुरक्षा
जैसे ही राजस्व टीम ने पिलर हटाने की प्रक्रिया शुरू की, बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। ग्रामीणों का कहना था कि यह मार्ग लोक निर्माण विभाग का नहीं, बल्कि नहर विभाग का रास्ता है, जहां से भारी वाहनों का आवागमन नहीं होना चाहिए। ग्रामीणों ने बताया कि यमुना नदी से खनन सामग्री लेकर आने वाले भारी डंपर इसी मार्ग से गुजरते हैं, जिससे राहगीरों और ग्रामीणों को भारी असुविधा होती है। इसके अतिरिक्त, स्कूल जाने वाले बच्चों को डंपरों के कारण लगने वाले जाम से जूझना पड़ता है, जिससे वे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते। इसी समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने पहले भी जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर पिलर लगाने की मांग की थी और सड़क पर पिलर स्थापित किए थे।
अधिकारियों का आश्वासन और ग्रामीणों की शर्त
मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का काफी प्रयास किया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि लोक निर्माण विभाग के सहयोग से भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार कराया जाएगा तथा इस मार्ग पर भारी वाहनों के संचालन को रोका जाएगा। हालांकि, ग्रामीण अधिकारियों के मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने मांग रखी कि पहले वैकल्पिक मार्ग का निर्माण कराया जाए, उसके बाद ही पिलर हटाए जाएं।
उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट
ग्रामीणों के अटूट रुख और विरोध के चलते राजस्व विभाग की टीम को बिना कोई कार्रवाई किए ही वापस लौटना पड़ा। नायब तहसीलदार मुकर्रम बदर खान ने बताया कि वे उप जिलाधिकारी के निर्देश पर सड़क खुलवाने के लिए मौके पर पहुंचे थे। ग्रामीणों के विरोध के बाद उनसे वार्ता की गई है और पूरे घटनाक्रम से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।